नरसिंहपुर नगर पालिका का कर्मचारी पेवर ब्लॉक के बिल पेमेंट के बदले 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

ठेकेदार का बिल भुगतान होने के बाद एफडीआर और पीजी राशि रोकने की धमकी देकर 15.5 प्रतिशत के हिसाब से 52 हजार रुपए घूस के मांगे, फिर मोलभाव करके 38 हजार रुपए पर तैयार हो गया और पहली किश्त में 25 हजार रुपए लेते पकड़ा गया
नरसिंहपुर नगर पालिका का कर्मचारी पेवर ब्लॉक के बिल पेमेंट के बदले 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नरसिंहपुर। पेवर ब्लॉक लगाने के काम का भुगतान ठेकेदार को हो जाने के बाद भी एफडीआर और पीजी राशि रिलीज करने में अड़ंगा लगाने और आगे से काम नहीं देने की धमकी देकर 25 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे नरसिंहपुर नगर पालिका के पीडब्ल्यूडी सेक्शन के कर्मचारी को लोकायुक्त  जबलपुर की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी यह रिश्वत नगर पालिका के कंप्यूटर कक्ष में लेते हुए पकड़ा गया है। 

    ठेका कार्य का भुगतान होने के बाद रिश्वत के लिए धमकी

    इस बारे में आवेदक भीष्म नारायण सिंह राजपूत पिता शिव नारायण सिंह राजपूत निवासी शांति नगर दमोह नाका,  जिला जबलपुर ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर कार्यालय में लिखित शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार नगर पालिका परिषद नरसिंहपुर से पेवर ब्लॉक लगाने का 5 लाख 66 हजार 81 रुपए में ठेका मिला था। काम हो जाने के बाद 2 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान हो गया। इसके बाद 3 लाख 39 हजार रुपए का भुगतान किया गया। इसी राशि का 15.5 प्रतिशत के हिसाब से 52 हजार रुपए की रिश्वत देने का दबाव नगर पालिका कर्मचारी ड़ाल रहा था। 

    सत्यापन में सही पाई गई रिश्वत की शिकायत

    रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाने पर पुष्टि हुई। साफ हो गया कि रिश्वत 52 हजार रुपए मांगी जा रही थी। इस पर मोल भाव होने पर 38 हजार रुपए पर बात फायनल हो गई थी। इस तथ्य के बाद पुलिस अधीक्षक अंजू पटले ने ट्रैप टीम बनाई, जिसमें ट्रेप टीम प्रभारी निरीक्षक राहुल गजभिए, टीएलओ निरीक्षक  बृज मोहन सिंह नरवरिया सहित अन्य स्टाफ शामिल किया गया। 

    कंप्यूटर कक्ष में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया

    लोकायुक्त ट्रैप टीम ने नगर पालिका परिषद नरसिहंपुर की घेराबंदी कर ली। इसके बाद 25 हजार रुपए की रिश्वत जैसे ही कंप्यूटर कक्ष में आरोपी लोक निर्माण शाखा के लिपिक संजय कुमार तिवारी पिता स्व, अनंदी लाल तिवारी ने ली, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7,13(1) इ, 13 (2) के अंतर्गत कार्यवाही की गई। 

    पेमेंट से जुड़े सभी कर्मचारियों अधिकारियों की जांच होगी

    सिविल वर्क संबंधी पेमेंट वाली फाइलों से जुडेÞ सभी कर्मचारियों अधिकारियों की जांच होगी। ताकि साफ हो सके कि वर्क पेमेंट के बाद एफडीआर और पीजी राशि को कब-कब रोका गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। सारे प्रकरण की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। 
    अंजू पटले, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त जबलपुर

    Vijay S. Gaur
    By Vijay S. Gaur

    विजय एस. गौर, पीपुल्स समाचार में रीजनल एडीटर हैं। साथ ही राजनीति, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, खेती-किसानी,...Read More

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