मुंबई के गोरेगांव इलाके में स्थित नेस्को ग्राउंड में आयोजित एक बड़े लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां कथित तौर पर नशे की स्थिति में दो छात्रों की मौत हो गई। मृतकों में एक युवक और एक युवती शामिल हैं, जिनकी उम्र लगभग 20 से 22 साल बताई जा रही है।
यह पूरा मामला अब पुलिस जांच के घेरे में है और इसे लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं> आखिर इतने बड़े इवेंट में सुरक्षा और निगरानी कहां चूक गई?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कॉन्सर्ट के दौरान अचानक कुछ युवाओं की तबीयत बिगड़ने लगी। कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत, घबराहट और बेहोशी जैसी स्थिति महसूस हुई।
स्थिति इतनी तेजी से खराब हुई कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और सुरक्षा टीम को सूचना दी। प्रभावित युवाओं को पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो छात्रों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों छात्रों ने इवेंट के दौरान नशीले पदार्थों का सेवन किया था। आशंका जताई जा रही है कि यह मामला ड्रग्स ओवरडोज से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि असली कारण की पुष्टि अभी फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी। फिलहाल, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में मुंबई पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें आयोजन से जुड़े लोग और कुछ अन्य संदिग्ध शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में आकाश सामाल, विनोद जैन, प्रतीक पांडे, आनंद पटेल, रौनक खंडेलवाल और बालकृष्ण कुरूप के नाम शामिल है। पुलिस ने बताया कि यह जांच सिर्फ शुरुआती है और आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ हो सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने करीब 15 से 20 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें मौके पर मौजूद दर्शक, पीड़ितों के दोस्त और कुछ स्टाफ सदस्य शामिल हैं।
इसके अलावा, आयोजकों और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोगों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इवेंट में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और क्या किसी तरह की लापरवाही हुई थी।
घटना के बाद नेस्को की तरफ से भी आधिकारिक बयान जारी किया गया है। उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि संस्था प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। आगे कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि सभी सुरक्षा नियमों और मानकों का पालन किया जाएगा।
पुलिस अब इस पूरे इवेंट के हर पहलू की जांच कर रही है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या इवेंट में ड्रग्स रोकने के लिए कोई ठोस व्यवस्था थी? क्या अंदर नशीले पदार्थ आसानी से पहुंच रहे थे? और क्या आयोजकों को इसकी जानकारी थी? इनन सभी सवालों पर जांच एजेंसियां काम कर रही हैं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता फॉरेंसिक रिपोर्ट है। इसी रिपोर्ट से साफ होगा कि मौत की असली वजह क्या थी ड्रग्स ओवरडोज, किसी रासायनिक पदार्थ की प्रतिक्रिया या कोई और कारण। डॉक्टरों की टीम भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिससे मामले की दिशा तय होगी।