भोपाल। 31 दिसंबर को प्रदेश की प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज होने से पहले राज्य सरकार ने आगामी जनगणना की तैयारियां तेज कर दी हैं। साल 2026 में होने वाली जनगणना के लिए गृह विभाग ने अधिकारियों की तैनाती कर दी है और उन्हें जनगणना से जुड़े अधिकार भी सौंप दिए गए हैं।
गृह विभाग के आदेश के अनुसार, संभागायुक्त को संभागीय जनगणना अधिकारी और कलेक्टर को जिले का प्रमुख जनगणना अधिकारी घोषित किया गया है। वहीं कलेक्टर द्वारा नामित अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी जिला जनगणना अधिकारी के रूप में कार्य करेगा।
जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत यदि कोई व्यक्ति जनगणना अधिकारी या जनगणना कार्य में सहायता के लिए अधिकृत व्यक्ति को काम करने से रोकता है, सहयोग करने से इनकार करता है या किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न करता है, तो उस पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति को तीन साल तक की सजा भी हो सकती है।
इसके अलावा गृह विभाग ने जनगणना के लिए तैनात किए जाने वाले प्रगणकों के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 13 अधिकारियों को जनगणना संबंधी दायित्व सौंपे हैं। इन अधिकारियों को अपने-अपने पदस्थापना क्षेत्र में जनगणना कार्य की जिम्मेदारी निभाने और निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अगले साल होने वाली जनगणना को लेकर प्रदेश में प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज करने की प्रक्रिया 31 दिसंबर, यानी आगामी बुधवार को पूरी की जाएगी। राज्य शासन इसकी जानकारी लिखित रूप में जनगणना निदेशालय भोपाल और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगा।
इस सूचना में बताया जाएगा कि 31 दिसंबर की स्थिति में प्रदेश में जिलों, थानों, जनपदों, तहसीलों, राजस्व अनुविभागों और अन्य प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं कहां और किस स्वरूप में निर्धारित हैं। इसके बाद जनगणना की पूरी प्रक्रिया इन्हीं तय की गई प्रशासनिक सीमाओं के आधार पर कराई जाएगी।