अशोक गौतम, भोपाल। मप्र राज्य इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (MPIDC) अब उद्योगों को सस्ते दरों पर बिजली उपलब्ध कराएगा। इसके लिए ये विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) से लाइसेंस ले रहा है। वह औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर लगाने से लेकर विद्युत वितरण का काम करेगा। MPIDC डिस्कॉम से सीधे बिजली खरीदेगा और बिजली का वितरण उद्योगों को करेगा। उद्योगों को 4 से 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराने का काम करेगा। बिलिंग और बिजली वसूली भी खुद करेगा। इसकी शुरूआत पीएम मित्रा पार्क, मोहासा बाबई सौर ऊर्जा पार्क और सागर औद्योगिक क्षेत्र पार्क से की जा रही है। पीएम मित्रा पार्क, मोहासा बाबई में पार्क का विकास कर इन में ट्रांसफॉर्मर और बिजली की लाइन भी डाल दी गई है।
सामान्य तौर पर विद्युत वितरण कंपनियां तमाम लाइन लॉस, बिजली चोरी और तमाम प्रभार मिलाकर बिजली की बिलिंग करता है। डिस्कॉम से MPIDC अपने औद्योगिक क्षेत्र में बल्क कनेक्शन लेगा। इसके बाद वह औद्योगिक क्षेत्रों को विद्युत वितरण करेगा। कंपनियों से उद्योग विभाग सस्ते में बिजली लेगा और बिना लॉस ओर अधिभार प्रभार को जोड़कर बिजली बिलिंग करेगा।
जानकारी के अनुसार, उद्योगों को सबसे ज्यादा बिजली बिल, जमीनों के दाम और सरकार के टैक्स भारी पड़ते हैं। सरकार उद्योगों को सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध करा रही है। रोजगार के आधार पर सब्सिडी दे रही और टैक्स पर छूट दे रही है। बिजली सस्ती देकर उद्योगों को राज्य की तरफ आकर्षित करने का काम किया जा रहा है।
उद्योग वर्ष में उद्योगों को तमाम तरह की छूट दी जा रही है। उन्हें प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली लाइसेंस लेकर MPIDC उद्योगों को सस्ते दरों पर बिजली उपलब्ध कराएगा। कैंपस में सोलर संयंत्रों से बिजली तैयार करने का प्रावधान किया जा रहा है।
चंद्रमौली शुक्ला, MD, MPIDC