भोपाल। साल 2025 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन यह वर्ष कई वजहों से मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बन गया। इस साल प्रदेश को ऐसी कई उपलब्धियां मिलीं, जिन्होंने विकास की नई इबारत लिखी। पहली बार मेट्रो सेवा की शुरुआत हो या वर्षों से चुनौती बने नक्सलवाद का अंत—2025 ने मप्र को कई बड़ी सौगातें दीं। रेल यात्रियों से लेकर सड़क मार्ग से सफर करने वालों तक, हर वर्ग को इस साल राहत और खुशखबरी मिली। इस ईयर एंडर में हम उन्हीं महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर नजर डाल रहे हैं।

प्रदेश के लिए एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि 24-25 फरवरी 2025 को राजधानी भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस समिट का मुख्य उद्देश्य रिन्युएबल एनर्जी, आईटी एवं टेक्नोलॉजी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, स्टार्टअप और अर्बन डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना था। इस मंच पर देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति एकत्र हुए और मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। GIS-2025 में लगभग 26.6 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से लगभग 17.34 लाख रोजगार अवसर पैदा होने की सरकार की उम्मीद जताई गई है। इस निवेश में उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा, निर्माण, शहरी विकास समेत कई सेक्टर शामिल हैं और इससे प्रदेश में निवेश तथा रोजगार दोनों को बड़ा समर्थन मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन 17 सितंबर 2025 को मध्य प्रदेश को एक और बड़ी सौगात दी। इस दिन धार जिले के भैंसोला गांव में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखी गई।

साल 2025 मध्य प्रदेश के लिए मेट्रो सेवा की ऐतिहासिक सौगात लेकर आया। सबसे पहले इंदौर में मेट्रो चली और इसके बाद भोपालवासियों को भी मेट्रो में सफर करने का अवसर मिला। मेट्रो परियोजना की कल्पना वर्ष 2009 में की गई थी। 2011 में डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए और 2018 में पहला वर्क ऑर्डर जारी हुआ। लगभग आठ वर्षों के इंतजार के बाद भोपाल को मेट्रो सेवा मिली। हालांकि भोपाल और इंदौर में मेट्रो का काम एक साथ शुरू हुआ था, लेकिन इंदौर ने बाजी मारते हुए 31 मई 2025 को कमर्शियल रन शुरू कर दिया। वहीं 20 दिसंबर 2025 को भोपाल में भी मेट्रो सेवा का शुभारंभ हो गया।

साल 2025 में मध्य प्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की। 11 दिसंबर को प्रदेश के अंतिम दो हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। 12 दिसंबर 2025 को भोपाल में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश अब पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से माओवाद के खात्मे का लक्ष्य रखा था, लेकिन मध्य प्रदेश ने यह लक्ष्य एक साल पहले ही हासिल कर लिया।

जबलपुर में मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर 23 अगस्त 2025 को लोकार्पित हुआ है। यह करीब 7 किलोमीटर लंबा है और ‘वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर’ के नाम से जाना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात जाम को कम करना है। इससे दमोह नाक से मदनमहल के बीच यात्रा समय को लगभग 40–45 मिनट से घटकर 6–10 मिनट रह गया है। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1,050–1,200 करोड़ रही है। यह रेलवे लाइन के ऊपर कैबल-स्टे ब्रिज सहित आधुनिक संरचना पर आधारित है।

प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देते हुए 10 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने औबेदुल्लागंज में रेल कोच निर्माण इकाई की घोषणा की। यह इकाई ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्थापित की जाएगी। 60 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बनने वाले इस कारखाने से करीब 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। बीईएमएल लिमिटेड रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज में 1800 करोड़ रुपये की लागत से ‘ब्रह्मा परियोजना’ विकसित करेगी। इसके बाद मध्य प्रदेश में ही मेट्रो और वंदे भारत ट्रेनों के कोच तैयार किए जा सकेंगे। इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।

रेल यात्रियों के लिए भी 2025 खुशखबरी लेकर आया। केंद्र सरकार ने प्रदेश में करीब 500 किलोमीटर लंबाई की दो नई रेललाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी। 7 अक्टूबर 2025 को स्वीकृत इन परियोजनाओं में वडोदरा–रतलाम (259 किमी) और इटारसी–भोपाल–बीना (237 किमी) रेललाइन शामिल हैं। इससे गुजरात से मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इटारसी और बीना के बीच चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस रूट पर राजधानी एक्सप्रेस जैसी तेज रफ्तार ट्रेनें चल सकेंगी।