MP Weather Update :प्रदेश में मानसून 6 दिन लेट, 25 जून तक दस्तक की उम्मीद; 37 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून तय समय से पीछे चल रहा है। सामान्य तौर पर 15 जून तक प्रदेश में प्रवेश करने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार 21 जून तक भी नहीं पहुंच पाया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अब प्रदेश में मानसून के 25 जून के आसपास दस्तक देने की संभावना है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी।
रविवार को प्रदेश के 37 जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कुछ जिलों में मौसम साफ रहने और गर्मी बने रहने का अनुमान है। लगातार देरी से पहुंच रहे मानसून ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है।
क्यों लेट हुआ मानसून?
इस बार मानसून की रफ्तार काफी धीमी रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून 8 जून से तेलंगाना के आसपास रुका हुआ था, जिसके कारण मध्य प्रदेश तक पहुंचने में देरी हुई। अब इसके 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंचने और उसके बाद 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। पिछले साल मानसून 16 जून को ही प्रदेश में पहुंच गया था, जबकि इस बार यह लगभग 6 दिन की देरी से आने वाला है।
इन 37 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
रविवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 37 जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ और अलीराजपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। इन जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
इन जिलों में फिलहाल गर्मी का असर
भोपाल, विदिशा, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच और मंदसौर में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
शनिवार को कहां कितनी बारिश हुई?
शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज रहीं। उज्जैन में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल में करीब 1.3 इंच पानी गिरा। इसके अलावा इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सीहोर और धार के पीथमपुर में भी अच्छी बारिश हुई। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जिलों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान
|
शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
|
भोपाल |
33.4 |
|
इंदौर |
35.2 |
|
उज्जैन |
35.0 |
|
ग्वालियर |
39.6 |
|
जबलपुर |
40.6 |
सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सबसे ठंडे और सबसे गर्म जिले
सबसे कम अधिकतम तापमान
|
शहर |
तापमान |
|
धार |
32.8°C |
|
भोपाल |
33.4°C |
|
शिवपुरी |
34.0°C |
|
उज्जैन |
35.0°C |
|
राजगढ़ |
35.0°C |
सबसे अधिक अधिकतम तापमान
|
शहर |
तापमान |
|
खजुराहो |
42.4°C |
|
नौगांव |
41.8°C |
|
सीधी |
41.4°C |
|
जबलपुर |
40.6°C |
|
दतिया |
40.6°C |
|
मंडला |
40.5°C |
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
21 जून : 37 जिलों में बारिश और गरज-चमक। भोपाल सहित कई जिलों में मौसम साफ रहने के साथ गर्मी।
22 जून : महाकौशल और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ेगा। ग्वालियर-चंबल और मालवा के कई हिस्सों में गर्मी बनी रहेगी।
23 जून : भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना। पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर अभी भी तेज गर्मी रहेगी।
24 जून : प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। पूर्वी जिलों में अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री के आसपास रहने की संभावना।
मानसून की देरी से बारिश का आंकड़ा घटा
मानसून की देरी का असर जून की बारिश के आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पूरे मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के 24 जिलों में बारिश की कमी 65 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसतन 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। प्रदेश के 55 में से 45 जिले सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में हैं। अलीराजपुर में अब तक एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है, जबकि भोपाल में सबसे ज्यादा करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई है।
किसानों की चिंता क्यों बढ़ी?
मानसून की देरी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। प्रदेश के अधिकांश किसान सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर जैसी खरीफ फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि, खेत में पर्याप्त नमी के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी होती है। पर्याप्त बारिश होने के बाद ही बुवाई करना सुरक्षित रहेगा, ताकि बीज अच्छी तरह अंकुरित हो सकें।
जल्दबाजी में बोवाई करने वालों पर संकट
मानसून समय पर आने की उम्मीद में कई किसानों ने पहले ही सोयाबीन की बुवाई कर दी थी। लेकिन लगातार पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी कम हो गई है। ऐसे में बीज खराब होने का खतरा बढ़ गया है और किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। हालांकि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें इस स्थिति में कुछ राहत मिल सकती है।
किन जिलों में सामान्य से कम बारिश?
प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। इनमें प्रमुख जिले हैं-
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।
वहीं भोपाल, आगर-मालवा, अशोकनगर, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, सीहोर, शाजापुर और श्योपुर में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खरीफ फसलों की बुवाई जल्दबाजी में न करें और अच्छी बारिश का इंतजार करें। वहीं आम लोगों से भी अपील की गई है कि आंधी, तेज हवा और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।











