भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। पिछले कई दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और बादलों की वजह से गर्मी से राहत मिल रही थी। लेकिन अब यह राहत ज्यादा दिन तक रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 अप्रैल से प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम सक्रिय रहने वाला है। कुछ जगहों पर तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
अलर्ट वाले जिले
इन जिलों में दोपहर के बाद मौसम बदलने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। वहीं अन्य क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। दोपहर बाद बादल घिरने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
बुधवार को मध्यप्रदेश के उत्तर, पूर्व और पश्चिमी हिस्सों में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय रहे। इसी वजह से प्रदेश के कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया।
इन जिलों में बारिश दर्ज की गई-
इसके अलावा करीब 15 से ज्यादा जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में भी हल्की बारिश के साथ तेज आंधी चली।
मौसम विभाग के अनुसार, 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने वाला है। हालांकि, इसका प्रभाव मध्य प्रदेश में ज्यादा देखने को नहीं मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि, इस सिस्टम का असर सीमित रहेगा और इसके बाद प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ सकता है।
बारिश और बदलते मौसम के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कई जिलों में कटाई के बाद खेतों में रखी गेहूं की फसल भीग गई, जिससे नुकसान की आशंका है।
इन जिलों में फसलों पर असर पड़ा है-
किसानों का कहना है कि, लगातार बदलते मौसम की वजह से फसल को नुकसान हो रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल और मई मध्य प्रदेश में गर्मी के सबसे ज्यादा प्रभाव वाले महीने होते हैं।
इस साल मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही प्रदेश का तापमान 41°C के पार पहुंच गया था। हालांकि, उसके बाद लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिली।
प्रदेश में पिछले 8 दिनों से कहीं न कहीं बारिश का दौर जारी है। अप्रैल के पहले पखवाड़े में कई बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई है। बार-बार सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम लगातार बदलता रहा।
इस साल मौसम का मिजाज फरवरी और मार्च में भी कई बार बदला।
फरवरी
सरकार को प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराना पड़ा।
मार्च
मार्च में गर्मी की शुरुआत हुई, लेकिन दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई।
इस दौरान गेहूं, पपीता और केले की फसल को नुकसान हुआ।
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शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
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भोपाल |
33.2°C |
16.4 |
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इंदौर |
32.2°C |
17.7 |
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ग्वालियर |
30.8°C |
18.5 |
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उज्जैन |
31.7°C |
17.4 |
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नर्मदापुरम |
34.0°C |
23.0 |
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धार |
32.5°C |
20.2 |
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बैतूल |
34.0°C |
20.2 |
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खंडवा |
36.5°C |
20.4 |
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खरगोन |
36.2°C |
20.2 |
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रतलाम |
33.2°C |
20.2 |
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शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
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जबलपुर |
31.1°C |
18.6 |
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छिंदवाड़ा |
33.7°C |
20.4 |
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दमोह |
35.8°C |
17.0 |
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रीवा |
32.2°C |
16.5 |
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सागर |
32.4°C |
18.6 |
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सतना |
31.4°C |
19.7 |
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सिवनी |
34.2°C |
20.4 |
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मंडला |
33.0°C |
19.9 |
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उमरिया |
31.4°C |
18.4 |
इन आंकड़ों से साफ है कि, प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान अभी सामान्य से कम चल रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार-
9 अप्रैल: कुछ जिलों में बारिश और आंधी
10 अप्रैल: तापमान में तेजी से बढ़ोतरी शुरू
11 अप्रैल: नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय
इसके बाद प्रदेश में धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ेगा और तापमान तेजी से चढ़ सकता है।