MP में अब 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' की गूंज:श्रीराम और कृष्ण के बाद शिव आराधना पर फोकस, उज्जैन-ओंकारेश्वर में होंगे विशेष आयोजन

राजीव सोनी, भोपाल। मध्य प्रदेश में श्रीराम वन गमन पथ और कृष्ण पाथेय जैसे बड़े धार्मिक-पर्यटन प्रोजेक्ट्स के बाद अब राज्य सरकार भगवान शिव से जुड़े विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारी में जुट गई है। केंद्र सरकार के ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ अभियान के तहत प्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंगों उज्जैन स्थित महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर सहित प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष अनुष्ठान, भजन संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और शिव महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। संस्कृति विभाग को कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा देना बताया जा रहा है।

सोमनाथ मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृति पर आधारित है अभियान
यह आयोजन सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष और मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। इतिहास के अनुसार वर्ष 1025 में सोमनाथ मंदिर पर पहला बड़ा हमला हुआ था। इसके बाद कई विदेशी आक्रमणकारियों और मुगल शासकों ने मंदिर को नुकसान पहुंचाया। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ और 11 मई 1951 को इसका पुनर्निर्माण पूरा हुआ। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने यहां ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा की थी।
ओंकारेश्वर और उज्जैन में होंगे बड़े धार्मिक कार्यक्रम
संस्कृति विभाग ने श्रावण मास और महाशिवरात्रि को केंद्र में रखकर विशेष आयोजन की योजना बनाई है। श्रावण माह के दौरान ओंकारेश्वर में और महाशिवरात्रि पर उज्जैन सहित प्रदेशभर के प्रमुख शिवालयों में धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग के संचालक एनपी नामदेव के अनुसार केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है जिसमें मध्य प्रदेश के साथ ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकार भी भागीदारी निभाएंगी।

भजन, नृत्य-नाटिका और शिव महोत्सव होंगे आकर्षण
कार्यक्रमों के तहत मंदिरों और शिवालयों में शिव स्तुति, भजन संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नृत्य-नाटिकाएं, प्रकृति और भारतीय संस्कृति से जुड़े आख्यान तथा धार्मिक संवाद आयोजित किए जाएंगे। श्रावण महोत्सव और महाशिवरात्रि महोत्सव को विशेष रूप से भव्य रूप दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
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1100 श्रद्धालुओं की विशेष यात्रा भी हो चुकी
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत पिछले महीने मध्य प्रदेश से 1100 श्रद्धालुओं को लेकर एक विशेष ट्रेन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए रवाना की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इस यात्रा की खास बात यह रही कि श्रद्धालु अपने साथ प्रदेश की 30 पवित्र नदियों, जिनमें नर्मदा, शिप्रा, बेतवा और चंबल प्रमुख हैं, का जल भी कलशों में भरकर ले गए थे।
जनवरी-फरवरी 2027 तक जारी रहेंगे आयोजन
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी के अनुसार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत जनवरी-फरवरी 2027 तक प्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंगों, प्रमुख तीर्थ स्थलों और बड़े मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। इस पहल के जरिए मध्य प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठा रही है।












