PlayBreaking News

सड़क हादसों में मध्यप्रदेश का दूसरा नंबर : हाईकोर्ट सख्त, सरकार और NHAI को नोटिस जारी

मध्यप्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और उनमें हो रही मौतों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार और NHAI समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी किए हैं।
Follow on Google News
हाईकोर्ट सख्त, सरकार और NHAI को नोटिस जारी
AI Generated Image

मध्यप्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और उनमें हो रही मौतों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार और NHAI समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में मध्यप्रदेश देश में तमिलनाडु के बाद दूसरे स्थान पर है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

हाईकोर्ट ने मांगे ठोस समाधान

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर दुर्घटनाएं रोकने के लिए ठोस सुझाव देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने अनावेदकों से कहा है कि वे इन सुझावों का विशेषज्ञों से परीक्षण कराकर अपनी रिपोर्ट पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की गई है।

पूर्व RAS अधिकारी ने दायर की PIL

यह जनहित याचिका राजस्थान के पूर्व RAS अधिकारी महावीर सिंह द्वारा दायर की गई है जो वर्तमान में मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में रह रहे हैं। याचिकाकर्ता ने बताया कि वे परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग में रोड सेफ्टी वार रूम के प्रभारी के रूप में काम कर चुके हैं और 2021 से सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर सक्रिय हैं। सुनवाई के दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना पक्ष रखा।

ये भी पढ़ें: भोपाल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: सुसाइड से पहले वीडियो में पत्नी पर लगाए प्रताड़ना के आरोप, 7 महीने पहले की थी लव मैरिज

हादसों के पीछे कई कारण

याचिका में सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कई गंभीर कारण बताए गए हैं जिनमें

  • ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम की कमजोरियां
  • पर्याप्त प्रशिक्षण का अभाव
  • ट्रैफिक नियमों का ढीला पालन
  • प्रशासनिक लापरवाही
  • तकनीकी खामियां और खराब सड़कें
  • जागरूकता की कमी

इन सभी वजहों से हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

कोर्ट से की गई अहम मांगें

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से सड़क सुरक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इसमें मजबूत रोड सेफ्टी पॉलिसी बनाना, ब्लैक स्पॉट्स को सुधारना, ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम को कड़ा करना और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना शामिल है।

ये भी पढ़ें: सिवनी : कुएं में मिला बाघ का शव, करंट से शिकार की पुष्टि, वन विभाग कर रहा जांच

बढ़ते हादसों पर गंभीर सवाल

इस मामले ने एक बार फिर प्रदेश की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ते हादसे और मौतों के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि जमीनी स्तर पर सुधार की जरूरत है। अब देखना होगा कि कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार और संबंधित एजेंसियां इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाती हैं।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts