एमपी में पटवारियों की हड़ताल खत्म, सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद काम पर लौटे कर्मचारी

मध्यप्रदेश में पिछले चार दिनों से चल रही पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुक्रवार को स्थगित कर दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन के बाद हरदा सहित पूरे प्रदेश के पटवारी सुबह से अपने काम पर लौट आए।
पटवारी संघ ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजीव जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने पटवारियों की मांगों को गंभीरता से लिया है और उनके समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल की है। इसी भरोसे के आधार पर फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया गया है।
पांच मांगों में तीन पर आदेश, दो का होगा समाधान
राजीव जैन ने बताया कि पटवारी संघ की पांच प्रमुख मांगों में से तीन पर शासन पहले ही आदेश जारी कर चुका है। बाकी दो मांगों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री ने 90 दिनों की समय-सीमा तय की है।
बनेगी संयुक्त समिति, 90 दिन में देगी रिपोर्ट
भोपाल में पटवारी संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लंबित मांगों के परीक्षण और समाधान के लिए राजस्व, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग की संयुक्त समिति बनाई जाएगी। यह समिति 90 दिनों के भीतर मांगों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करेगी। समिति के गठन के आदेश भी जारी किए जाएंगे।
18 साल से पदोन्नति का इंतजार
पटवारी संघ के अनुसार, प्रदेश के पटवारी पिछले करीब 18 वर्षों से पदोन्नति के अवसर से वंचित हैं। यह उनकी सबसे बड़ी लंबित मांगों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पदोन्नति से जुड़ी समस्या का समाधान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
नायब तहसीलदार परीक्षा की तैयारी भी शुरू
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नायब तहसीलदार पद के लिए विभागीय परीक्षा नवंबर-दिसंबर में कराने की प्रक्रिया चल रही है। इससे पात्र पटवारियों को पदोन्नति का अवसर मिल सकेगा।
समयबद्ध समाधान का किया स्वागत
प्रांतीय उपाध्यक्ष राजीव जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मांगों के समाधान के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करना स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित अवधि में सभी लंबित मांगों का समाधान हो जाएगा, जिससे प्रदेश के पटवारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याएं दूर होंगी।












