
पॉलिटिकल डेस्क। एमपी के पश्चिमी इलाके की देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन व खंडवा सीटों पर चौथे चरण के दौरान 13 मई को वोटिंग होने जा रही है। पहले तीन फेस में 21 सीटों पर हुई कम वोटिंग से परेशान चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों को इस बार मौसम थोड़ी सी राहत देने जा रहा है। इन 8 सीटों पर जारी चुनावी सरगर्मी पर इस बार गर्मी भारी नहीं पड़ेगी, बल्कि हॉट समर में भी यहां रैनी और कूल क्लाइमेट के बीच वोटिंग के नजारे दिखाई देंगे। मौसम विभाग के ताजा आकलन के बाद तो फिलहाल यही संभावना जताई जा रही है।
छाए रहेंगे बादल, बारिश के आसार
भोपाल स्थित से मिली जानकारी के अनुसार आगामी 13 तारीख को पश्चिमी एमपी के इंदौर और उज्जैन संभागों के साथ ही सेंट्रल एमपी के नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में भी बारिश के आसार हैं। भोपाल के मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती के अनुसार 12 तारीख की रात से लेकर 13 तारीख को दोपहर तक इन संभागों के अधीन आने वाले सभी जिलों में बारिश के आसार हैं और इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। इससे तापमान भी गिरेगा। ऐसे में मौसम विभाग के आकलन के बाद ये उम्मीद जताई जा रही है कि 13 मई को इन इलाकों में गर्मी का असर न होने के कारण लोग जमकर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और इस बार मतदान का प्रतिशत पिछले तीन चरणों में हुए मतदान प्रतिशत से अधिक होगा।
तीन चरण में कम वोटिंग के लिए गर्मी भी जिम्मेदार
एमपी में पहले चरण में छह सीटों शहडोल, मंडला, सीधी, जबलपुर, बालाघाट और छिंदवाड़ा में 19 अप्रैल को वोट डाले गए थे। इस दौरान कुल 67.75% मतदान हुआ था जो इन सीटों पर 2019 में हुई 75.23% वोटिंग से 7.48% कम था। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा और होशंगाबाद में वोटिंग हुई। इन छह सीटों पर केवल 58.62 प्रतिशत मतदान हुआ जो इन सीटों पर 2019 में हुए 67.64 प्रतिशत वोटिंग से 9.05% कम था। इधर तीसरे चरण के तहत 9 सीटों भोपाल, सागर, विदिशा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, राजगढ़, गुना और बैतूल में केवल 66 फीसदी ही मतदान हुआ।
कम मतदान को लेकर एक बड़ी वजह प्रदेश का बढ़ता पारा भी रहा, हालांकि तीन चरणों के दौरान आयोग ने शीतल जल, छांव से लेकर छाछ और कैरी पना तक के इंतजाम वोटर्स के लिए किए, लेकिन मतदान का आंकड़ा बढ़ नहीं सका। ऐसे में अब तीसरे दौर के मतदान के लिए मौसम विभाग की भविष्यवाणी ने ये उम्मीद जगा दी है कि इस अंतिम दौर में एमपी में लोकतंत्र का जश्न बेहद धूम के साथ मनेगा और मतदान केंद्र मतदाताओं से भरे हुए नजर आएंगे।