Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

MP में फिर बजेगा प्रमोशन का बिगुल! 10 साल का इंतजार खत्म, अब पदोन्नति की बारी! 

मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। करीब 10 साल बाद 2026 में एक लाख से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है। अब सरकार अगले साल भी प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मौजूदा नियमों में बदलाव किया जा सकता है।
MP में फिर बजेगा प्रमोशन का बिगुल! 10 साल का इंतजार खत्म, अब पदोन्नति की बारी! 
सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर प्रक्रिया तेज

भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर एक बार फिर प्रक्रिया तेज होने की तैयारी है। करीब 10 साल तक पदोन्नति का इंतजार करने वाले एक लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को इस साल यानी 2026 में पदोन्नति मिली है। अब सरकार अगले साल भी पदोन्नति देने की दिशा में तैयारी कर रही है। दरअसल, वर्ष 2016 में पदोन्नति पर रोक लगने के बाद बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। लंबे समय तक यह मामला अटका रहा। अब सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।

दूसरी पदोन्नति के रास्ते में 5 साल की शर्त

मौजूदा पदोन्नति नियमों के अनुसार किसी कर्मचारी को एक पद पर कम से कम पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद ही अगले पद पर पदोन्नति के लिए पात्र माना जाता है। समस्या उन कर्मचारियों के सामने आ रही है जिन्हें 2026 में लंबे इंतजार के बाद पदोन्नति मिली है। अधिकारियों-कर्मचारियों का कहना है कि अगर वर्ष 2016 में पदोन्नति पर रोक नहीं लगी होती, तो इनमें से कई कर्मचारियों को अब तक दूसरी पदोन्नति भी मिल चुकी होती। लेकिन वर्तमान नियमों के कारण 2026 में पदोन्नत हुए कर्मचारी अगले पद के लिए पांच साल की अनिवार्य सेवा अवधि पूरी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में सरकार अब नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है।

नेस्ले इंडिया के बेबी फूड पर FSSAI की कार्रवाई, दावों और बायोटिन की मात्रा को लेकर उठे सवाल

पदोन्नति नियमों में हो सकता है बदलाव

सरकार की तैयारी है कि अलग-अलग संवर्गों में निर्धारित सेवा अवधि को लेकर नियमों में जरूरी छूट दी जाए। इसके लिए पदोन्नति नियमों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर और नवंबर के दौरान विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC की बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों से पहले नियमों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस बदलाव के बाद उन कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता खुल सकता है, जो लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं और वर्तमान पांच साल की सेवा शर्त के कारण अगली पदोन्नति के लिए पात्र नहीं बन पा रहे हैं।

कर्मचारियों ने रखी यह मांग

अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से यह मांग भी सामने आई है कि पदोन्नति के लिए केवल मौजूदा रिक्त पदों को ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में खाली होने वाले पदों को भी गणना में शामिल किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि 31 दिसंबर 2027 तक जो पद खाली होने वाले हैं, उन्हें भी पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा वर्ष 2026 में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के कारण खाली हुए पदों को भी DPC में शामिल करने की मांग की जा रही है।

MP पुलिस सेवा के 7 अफसरों को प्रमोशन, IPS कैडर में मिली जगह; गृह मंत्रालय ने जारी की सूची

पुलिस विभाग में भी प्रमोशन की तैयारी

मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में भी पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा के अधिकारियों के अनुसार, 31 दिसंबर 2027 की स्थिति में खाली होने वाले पदों को ध्यान में रखते हुए पदोन्नति समिति की बैठक 30 नवंबर से पहले आयोजित की जाएगी। इस प्रक्रिया में पुलिस विभाग के कई पदों को शामिल किया जाएगा। प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक, उप निरीक्षक और निरीक्षक के पदों पर पदोन्नति के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।

DSP और ASP के प्रमोशन पर शासन स्तर पर फैसला

पुलिस विभाग में डीएसपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यानी एएसपी के पदों पर पदोन्नति के लिए अलग प्रक्रिया होगी। इन पदों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति का गठन शासन स्तर पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि पुलिस विभाग के निचले और मध्य स्तर के पदों के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि डीएसपी और एएसपी स्तर की पदोन्नति पर शासन स्तर पर फैसला लिया जाएगा।

प्रमोशन में आरक्षण पर एमपी हाईकोर्ट सख्त, कहा-50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा न टूटे

लंबे इंतजार के बाद फिर उम्मीद

2016 में पदोन्नति पर रोक लगने के बाद प्रदेश के हजारों अधिकारियों-कर्मचारियों के करियर पर इसका असर पड़ा। 2026 में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने के बाद अब अगले साल की प्रक्रिया को लेकर भी उम्मीद बढ़ी है। अब सबसे महत्वपूर्ण कदम पदोन्नति नियमों में प्रस्तावित बदलाव और DPC की बैठकों का होगा। अगर सेवा अवधि में छूट का नियम लागू होता है, तो 2026 में पदोन्नत हुए कर्मचारियों के लिए आगे की पदोन्नति का रास्ता आसान हो सकता है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

Latest Posts