Dr. Mohan Yadav Cabinet: कैंपा फंड के तहत 2,050 करोड़ रुपए के प्लान को मंजूरी, नगरीय निकायों में गड़बड़ी पर सीएम सख्त, 392 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों में खरीदी के दौरान भ्रष्टाचार और इस मामले में की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी विभाग या क्षेत्र में गड़बड़ी सामने आने पर सतर्कता के साथ कार्रवाई की जाए। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के बाद बताया कि नगरीय विकास विभाग में खरीदी से संबंधित अनियमितताओं का मामला कैबिनेट में उठा। अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी साझा की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय करने और नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है।
201 प्रकरणों में 392 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई
मंत्री चैतन्य काश्यप के मुताबिक, नगरीय विकास विभाग में खरीदी से संबंधित 201 प्रकरणों में 392 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इन मामलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से गड़बड़ियों का पता लगाया गया और छह महीने के भीतर कार्रवाई की गई। कैबिनेट बैठक में इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। संबंधित मामलों में तथ्यों की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। बैठक में प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकारी कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित करने के विषय पर भी जोर रहा।
ईओडब्ल्यू के कार्यों के लिए 345 करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कैंपा फंड के तहत 2,050 करोड़ रुपए के प्लान को मंजूरी दी गई। इसके अलावा आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) के कार्यों के लिए 345 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत वर्ष 2019-20 से संचालित चार योजनाओं को जारी रखने का निर्णय भी लिया गया। इन योजनाओं के तहत कुल 3,378 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों में संचालित हैं। इन फैसलों के जरिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय मंजूरी दी गई।
सामाजिक न्याय की सात योजनाओं को 351 करोड़,
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं के लिए कैबिनेट ने 351 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। बैठक में नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इन कार्यालयों के लिए आवश्यक पदों को मंजूरी दिए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में जनसेवा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विषयों की भी समीक्षा हुई। सेवा संकल्प अभियान के तहत अब तक आयोजित 1,345 शिविरों में 17 लाख से अधिक आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही 1,600 से ज्यादा सेवा ज्योति यात्राएं निकाले जाने और 11 तरह की सेवाएं उपलब्ध कराने का ब्योरा साझा किया गया।
21-22 दिसंबर को होगा मंत्रियों का चिंतन शिविर
मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि 21 और 22 दिसंबर को मंत्रियों का चिंतन शिविर आयोजित करने की तैयारी है। इसमें सरकार के तीन साल के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आगामी वर्ष की प्राथमिकताओं और योजनाओं की रूपरेखा तय की जाएगी। बैठक में दीपावली के दौरान मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में माटी कला और स्थानीय दीयों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी भी दी गई। इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा नमो सेवा नुक्कड़ टोली के माध्यम से जनसेवा से जुड़े प्रयासों की जानकारी भी कैबिनेट के सामने रखी गई।
कम बारिश वाले जिलों की स्थिति पर चर्चा, किसानों को मदद का भरोसा
कैबिनेट बैठक में किसान कल्याण वर्ष के तहत अब तक किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन दिया गया। प्रदेश के 12 जिलों में अल्पवर्षा की स्थिति और उससे जुड़े मापदंडों पर चर्चा हुई। सरकार ने जिलेवार आकलन के आधार पर किसानों को सहयोग देने की बात कही। बैठक में जिन जिलों में कम बारिश की स्थिति बताई गई, उनमें आलीराजपुर, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्णा शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आलीराजपुर में सामान्य से करीब 52 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई, जो सूची में सबसे अधिक कमी बताई गई है। वहीं, धन-धान्य कृषि योजना में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदेश के पांच जिलों को केंद्र सरकार की ओर से पुरस्कृत किए जाने की जानकारी साझा की गई। बैठक में कृषि क्षेत्र की गतिविधियों और किसानों से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता दी गई।
स्थापना दिवस सहित आगामी आयोजनों की तैयारियों की जानकारी
कैबिनेट बैठक में आगामी प्रमुख आयोजनों को लेकर भी चर्चा हुई। इसमें 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई। इसके अलावा पिछले दो सप्ताह के दौरान मध्यप्रदेश को मिले विभिन्न पुरस्कारों की जानकारी दी गई। भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिशरीज नीति कार्यक्रम और इंदौर में हुए सेमीकंडक्टर समिट के संबंध में भी कैबिनेट को अवगत कराया गया। बैठक में जनसेवा अभियान, किसान कल्याण, विकास योजनाओं, प्रशासनिक कार्रवाई और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।




















