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MP News :एमपी बोर्ड के स्कूलों को चार माह बाद भी नहीं मिल पाए 'योग्य' शिक्षक

मप्र के तीन जिलों में एमपी बोर्ड के मॉडल स्कूलों को चार महीने बाद भी शिक्षक नहीं मिल पाए हैं। इंटरव्यू के बाद 12 जनवरी को बेस्ट टीचर की सूची जारी हो चुकी है, अब तक जॉइनिंग नहीं हो सकी है।
एमपी बोर्ड के स्कूलों को चार माह बाद भी नहीं मिल पाए 'योग्य' शिक्षक
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। प्रदेश के तीन जिलों में एमपी बोर्ड द्वारा संचालित मॉडल हायर सेकंडरी स्कूलों को बेस्ट टीचर के सिलेक्शन के चार माह बाद भी शिक्षक नहीं मिल पाए हैं। जबकि राजधानी भोपाल सहित रीवा और जावरा के तीनों मॉडल स्कूलों में नया शिक्षण सत्र शुरू हो गया है। लेकिन कक्षाओं में छात्र उन खास शिक्षकों का रास्ता देख रहे हैं जिनका चयन चार महीने पहले हो चुका है। इंटरव्यू के बाद 12 जनवरी को चयनित शिक्षकों की सूची भी जारी हो चुकी है, लेकिन दो विभागों के बीच फाइल झूल रही है।

    मॉडल स्कूलों का संचालन शिक्षा मंडल द्वारा

    गौरतलब है कि भोपाल, जावरा और रीवा के मॉडल स्कूलों का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग के बजाय माध्यमिक शिक्षा मंडल के जरिए किया जाता है और यही वजह है कि इन स्कूलों में दाखिले के लिए हर साल सैकड़ों की संख्या में आवेदन आते हैं। प्रदेश में वर्ष 1960 में स्थापित किए गए इन तीनों मॉडल स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए बोर्ड के चेयरमैन और सचिव ने पिछले वर्ष पहली बार इन स्कूलों के लिए योग्य और अनुभवी शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर लेने के लिए विज्ञापन जारी किया था। पिछले साल सितंबर में स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के प्रतिभावान शिक्षकों से आवेदन मंगाए गए। इसके बाद नवंबर में बाकायदा इंटरव्यू और डेमो क्लास आयोजित की गई, ताकि केवल सर्वश्रेष्ठ शिक्षक ही इन स्कूलों के लिए चुने जाएं। इस चयन प्रक्रिया के बाद 12 जनवरी 2026 को चयनित व्याख्याताओं और उच्च श्रेणी शिक्षकों की विद्यालयवार सूची भी प्रकाशित कर दी गई थी।

    दो विभागों के बीच झूल रही फाइल, पढ़ाई हो रही प्रभावित 

    चयन सूची जारी हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग चयनित शिक्षकों को रिलीव नहीं कर रहे हैं। दोनों विभागों में इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से जुड़ी फाइलें अब भी अटकी हुई हैं। ऐसे में अप्रैल से नया शिक्षण सत्र शुरू होने के बाद भी इन स्कूलों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

    अधिकारियों से बात कर कार्यवाही की जाएगी

    मेरे संज्ञान में बात आई है। शीघ्र ही इस संबंध में अ​धिकारियों से चर्चा कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

    उदयप्रताप सिंह, मंत्री, स्कूल ​शिक्षा विभाग

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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