भोपाल। एमपी बोर्ड ने 10वीं-12वीं की ‘दूसरा अवसर’ परीक्षाएं मई में प्रस्तावित हैं। इसी दौरान एक मई से 31 मई तक शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश दिया गया है। इसी के चलते शिक्षकों का विरोध शुरू हो गया है। अब मंडल इन परीक्षाओं के टाइम-टेबल में संशोधन करने पर विचार कर रहा है। संभवत: यह मंडल यह परीक्षाएं जून में आयोजित करे।
प्रदेश में शिक्षकों को 60 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता रहा है। गत वर्ष 2024-25 में ग्रीष्मकालीन अवकाश 31 दिन का ही रह गया। शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश एक से 31 मई तक रहता है, लेकिन मंडल ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के समय 7 मई से 10वीं 12वीं की दूसरे अवसर की परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया है। यह परीक्षा 25 मई तक चलेंगी। इस दौरान मूल्यांकन भी चलेगा। इसी दौरान जनगणना भी करना है। मप्र शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने सचिव को मई माह में अपने प्रस्तावित कार्यक्रमों के संबंध में बताया है। उन्होंने आग्रह किया कि मई की बजाय आने वाले महीने में उक्त परीक्षाएं आयोजित कराई जाएं। इससे ग्रीष्म अवकाश में शिक्षक अपने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों को निभा सकें।
प्रदेश उपाध्यक्ष शिववीर सिंह भदौरिया व प्रदेश मंत्री संजय अवस्थी का कहना है कि शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त कर शासकीय कर्मचारियों की तरह अवकाश मिलना चाहिए। जब स्कूल शिक्षा विभाग का सत्र एक अप्रैल से शुरू हो जाता है और ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी गतिविधियां चलती हैं, तो गर्मियों की छुट्टी को खत्म कर देना चाहिए। इससे शिक्षक सालभर शासकीय कर्मचारियों की तरह छुट्टी ले सकें।
शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर मंडल भी विचार कर रहा है। ऐसे प्रयास होंगे कि शिक्षकों को अवकाश मिले और परीक्षा भी समय से हो। बोर्ड की परीक्षा समिति के समक्ष इस मामले को रखा गया है। शिक्षकों के प्रतिधिमंडल ने भी इस संबंध में पत्र दिया है।
बुद्धेश वैद्य, सचिव, एमपी बोर्ड