
भोपाल के गोविंदपुरा इलाके के अन्ना नगर स्थित नगर निगम के गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि 8 घंटे बीत जाने के बाद भी उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।
आग इतनी तेज और फैलाव वाली थी कि आसपास के लोग पूरी रात तनाव में जागते रहे। मुख्य सड़क से महज कुछ मीटर की दूरी पर स्थित इस कचरा प्लांट की वजह से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आग पर काबू पाने के लिए भोपाल के सभी प्रमुख फायर स्टेशनों को तुरंत अलर्ट किया गया। गोविंदपुरा, फतेहगढ़, बैरागढ़, कोलार, गांधीनगर समेत कुल 11 फायर स्टेशनों से 50 से ज्यादा दमकल और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। शनिवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई यह आग रविवार सुबह 8 बजे तक भी पूरी तरह नहीं बुझ पाई।
इस पूरी घटना का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है रिसाइकलिंग यूनिट में पड़ा भारी मात्रा में कपड़ा। जानकारी के मुताबिक, प्लांट में करीब 150 टन रद्दी कपड़े और फेब्रिक की गठानें रखी हुई थीं। यही कपड़ा आग पकड़ते ही तेजी से जलने लगा और आग को कंट्रोल करना बेहद मुश्किल हो गया। सबसे पहले आग रिसाइकलिंग यूनिट में लगी, जो पिछले करीब एक महीने से बंद पड़ी थी। यही यूनिट आगे चलकर पूरे प्लांट के लिए आग का केंद्र बन गई।
यह गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा था। नगर निगम ने कुछ समय पहले ही ठेका कंपनी को यूनिट दोबारा शुरू करने के लिए नोटिस जारी किया था, क्योंकि यह यूनिट लंबे समय से बंद पड़ी थी। अब आग लगने के बाद पूरे सिस्टम की सुरक्षा और मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस भीषण आग में नगर निगम को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक लगभग 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आग ने न सिर्फ कपड़े जलाए बल्कि पूरी रिसाइकलिंग यूनिट और उसके साथ लगा मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) भी पूरी तरह नष्ट हो गया। यह वही यूनिट थी जहां कचरे से उपयोगी सामग्री अलग की जाती थी।
आग लगने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया। प्लांट मुख्य सड़क के बेहद पास है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से लोगों की आवाजाही भी नियंत्रित करनी पड़ी।
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सड़क किनारे रहने वाले लोग पूरी रात सो नहीं पाए। धुआं, गर्मी और लगातार चलती दमकलों की आवाज ने पूरे इलाके को तनाव में डाल दिया।
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि आग आखिर लगी कैसे। आशंका शॉर्ट सर्किट की बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने अभी किसी भी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही असली कारण सामने आएगा।
फायर ऑफिसर्स के मुताबिक, आग पर काबू पाने में सबसे बड़ी दिक्कत कपड़ों की गठानों की वजह से आ रही है। कपड़े एक बार आग पकड़ लें तो अंदर तक सुलगते रहते हैं और बार-बार धुआं निकलता रहता है। इसी वजह से आग पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रही। हालांकि अब आग का फैलाव रुक चुका है।