
भोपाल में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के 2000 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट इस संकट से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि प्रशासन की ओर से एजेंसियों के जरिए जरूरत का सिर्फ 15 से 20 प्रतिशत ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जा पा रहा है। ऐसे में कारोबारियों को रोजाना गैस के इंतजाम के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डीजल भट्टी और इलेक्ट्रिक इंडक्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, कुछ होटल-रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू में भी कटौती कर दी है।
शहर में कमर्शियल सिलेंडरों की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर है। आंकड़ों के अनुसार भोपाल में करीब 50 हजार कमर्शियल सिलेंडर उपभोक्ता हैं, लेकिन रोजाना सिर्फ 1200 सिलेंडर ही उपलब्ध हो पा रहे हैं, जबकि जरूरत करीब 3000 सिलेंडर की बताई जा रही है। इस कमी के चलते होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को अपने काम को सीमित करना पड़ रहा है। खासकर शादी और आयोजन के सीजन में यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है, जहां गैस की खपत सामान्य दिनों से कहीं ज्यादा होती है।
गैस की कमी के चलते कारोबारियों को मजबूरी में दूसरे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। कई होटल और रेस्टोरेंट डीजल भट्टी या इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह व्यवस्था पूरी तरह कारगर नहीं है। मैरिज गार्डनों में तो हालात और मुश्किल हैं, जहां लकड़ी की भट्टी बनाकर खाना तैयार किया जा रहा है। इससे धुआं और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
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कमर्शियल सिलेंडरों की कमी का फायदा उठाकर कालाबाजारी भी बढ़ गई है। जहां 19 किलो का सिलेंडर करीब 2084 रुपए में मिलना चाहिए, वहीं बाजार में यह 3500 से 4000 रुपए तक में बेचा जा रहा है। कारोबारी मजबूरी में महंगे दाम पर सिलेंडर खरीद रहे हैं, जिसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है। होटल और रेस्टोरेंट ने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर भी असर पड़ रहा है।
इस पूरे मामले में गैस एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि सिलेंडर की डिलीवरी में गड़बड़ी हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें सिलेंडर मिला ही नहीं, लेकिन रिकॉर्ड में डिलीवरी दिखा दी गई। इसके अलावा एजेंसियों के कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। लोगों का आरोप है कि सही तरीके से जवाब नहीं दिया जाता और समस्या का समाधान भी नहीं किया जाता।
शाहपुरा स्थित राय गैस एजेंसी को लेकर सोशल मीडिया पर भी शिकायत सामने आई है। हास्य कलाकार प्रकाश पगारे ने बताया कि उन्होंने 22 तारीख को सिलेंडर बुक किया था, लेकिन न तो सिलेंडर मिला और न ही कोई सही जानकारी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों का व्यवहार भी ठीक नहीं था और बिना डिलीवरी के ही सिलेंडर पहुंचने की बात कह दी गई।
Bhopal Hotel Restaurant Association के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि प्रशासन को कम से कम 70 प्रतिशत तक कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। अभी काम चल तो रहा है, लेकिन ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
वहीं Bhopal Gas Dealers Association के अध्यक्ष आके गुप्ता का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर कम मिल रहे हैं, लेकिन घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई 70 से 80 प्रतिशत तक सामान्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी सामान्य हो जाएगी।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने कहा कि गड़बड़ी करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं और राय गैस एजेंसी की भी जांच की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि उपभोक्ताओं के साथ गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।