सीहोर: 9 साल से आस्था की पहचान बनी चुनरी यात्रा होगी भव्य, 108 मीटर चुनरी संग उमड़ेंगी हजारों महिलाएं
सीहोर। आस्था जब सामूहिक रूप लेती है तो वह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहती बल्कि पूरे समाज को एक सूत्र में बांधने वाली परंपरा बन जाती है। सीहोर में पिछले नौ वर्षों से इसी आस्था और भक्ति का प्रतीक बनी चुनरी यात्रा इस वर्ष भी भव्य स्वरूप में निकाली जाएगी। यात्रा की तैयारियों को लेकर हिंद रक्षक युवा समिति के तत्वावधान में राठौर धर्मशाला में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और धार्मिक आयोजन से जुड़े लोगों ने सहभागिता की।
नौ वर्षों से लगातार कायम है आस्था की परंपरा
चुनरी यात्रा पिछले नौ वर्षों से सीहोर में श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति की जीवंत परंपरा के रूप में आयोजित होती आ रही है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होकर मां भगवती के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं। नौ वर्षों में यह यात्रा शहर की धार्मिक गतिविधियों में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। इस वर्ष भी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आ रहा है।
करौली वाली माता के दरबार से शुरू होगी यात्रा
आयोजकों के अनुसार चुनरी यात्रा की शुरुआत करौली वाली माता मंदिर से माता की आरती के पश्चात होगी। यहां श्रद्धालु विधिवत पूजा-अर्चना कर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं का कारवां शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कस्बे में स्थित इलाही माता मंदिर की ओर रवाना होगा।
108 मीटर लंबी चुनरी होगी यात्रा का मुख्य आकर्षण
यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण 108 मीटर लंबी चुनरी रहेगी। बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु इस चुनरी को अपने हाथों में लेकर माता के दरबार तक पहुंचाएंगे। विशाल चुनरी के साथ एक साथ आगे बढ़ते श्रद्धालुओं का दृश्य यात्रा को आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से खास बनाएगा। आयोजकों का मानना है कि इस बार भी महिलाओं की बड़ी भागीदारी यात्रा की प्रमुख पहचान बनेगी।
10 से 12 हजार श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष चुनरी यात्रा में करीब 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी यात्रा को लेकर उत्साह का वातावरण है। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और परिवारों के यात्रा में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसे देखते हुए आयोजन को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने पर बैठक में विशेष जोर दिया गया।
प्रिंस राठौर बोले- यह पूरे समाज की आस्था का आयोजन
बैठक को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष एवं हिंद रक्षक युवा समिति के संरक्षक प्रिंस राठौर ने कहा कि चुनरी यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सनातन परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों से जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ शहरवासियों ने यात्रा को समर्थन दिया है, वह गौरव की बात है।
मस्तक कहीं और झुकाने की जरूरत नहीं
प्रिंस राठौर ने कहा, मां भगवती के दरबार में जो मस्तक झुका देता है, उसे और कहीं भी सर झुकाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। उन्होंने माता के प्रति श्रद्धा रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति से परिवार सहित यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि यात्रा में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर व्यवस्था मिले और पूरा आयोजन भक्ति, अनुशासन तथा सामाजिक एकता के साथ संपन्न हो।
जन-जन की सहभागिता से बनेगी यात्रा भव्य
प्रिंस राठौर ने कहा कि चुनरी यात्रा किसी एक व्यक्ति या संस्था का कार्यक्रम नहीं है। यह पूरे शहर और क्षेत्र के श्रद्धालुओं का आयोजन है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता रहती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी अब यात्रा की विशेष पहचान बन चुकी है। हजारों श्रद्धालुओं का एक साथ माता की भक्ति में कदम से कदम मिलाकर चलना सीहोर के लिए आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश है।
युवाओं से व्यवस्था संभालने का किया आह्वान
बैठक में युवाओं से यात्रा की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात, स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक पहलू पर पहले से तैयारी की जाएगी।
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मार्ग से लेकर सुरक्षा तक पर हुआ मंथन
बैठक में यात्रा के मार्ग, श्रद्धालुओं की सुविधा, महिलाओं की सहभागिता, 108 मीटर चुनरी की व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए उपस्थित लोगों से सुझाव भी लिए गए। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि यात्रा को लेकर शहर में व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है।
संत-महात्माओं और गणमान्य नागरिकों की रही मौजूदगी
बैठक में शहर के प्रमुख पूजनीय गुरुदेवों के साथ पूर्व विधायक रमेश सक्सेना, सन्नी महाजन, जसपाल अरोरा, हिंदूवादी नेता विवेक राठौर सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और हिंद रक्षक युवा समिति से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने यात्रा को सफल और भव्य बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारियों तथा व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की।
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माता के आशीर्वाद के लिए उमड़ेगा आस्था का कारवां
आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की कि वे परिवार और परिचितों के साथ अधिक से अधिक संख्या में चुनरी यात्रा में शामिल हों। नौ वर्षों की आस्था की यह परंपरा इस बार 108 मीटर लंबी चुनरी और हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ और भव्य रूप लेने की तैयारी में है। करौली वाली माता से इलाही माता के दरबार तक बढ़ते कदमों के साथ सीहोर की धरती एक बार फिर भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम की साक्षी बनेगी।






















