गोहद के दो छात्र बॉर्डर रवाना, ‘मां तुझे प्रणाम योजना’ में चयन; सैनिकों की जिंदगी को करीब से समझेंगे
गोहद। देशभक्ति को करीब से समझने के लिए गोहद के दो छात्र अब देश की सीमा की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। मध्यप्रदेश शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ‘मां तुझे प्रणाम योजना’ के तहत फ़र्स्ट स्टेप्स इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र अखिल माहौर और कक्षा 9वीं के छात्र सुमित पाल का चयन हुआ है। लॉटरी प्रक्रिया में नाम आने के बाद दोनों छात्र अब योजना के तहत सीमा भ्रमण के लिए रवाना हो गए हैं।
सीमा पर जवानों की दिनचर्या को समझेंगे
यात्रा के दौरान अखिल और सुमित भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचकर वहां तैनात जवानों की दिनचर्या, अनुशासन और राष्ट्र रक्षा के लिए उनके योगदान को करीब से समझेंगे। निर्धारित सीमा क्षेत्र में उन्हें सैनिकों की वीरगाथाओं और देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। यात्रा का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।

स्कूल प्रबंधन ने दी छात्रों को बधाई
दोनों छात्रों के चयन और यात्रा पर रवाना होने से फ़र्स्ट स्टेप्स इंटरनेशनल स्कूल में खुशी का माहौल है। संस्था के डायरेक्टर पवन गुप्ता और प्राचार्या रीना गुप्ता ने छात्रों का मुंह मीठा कराकर उन्हें बधाई दी। डायरेक्टर पवन गुप्ता ने कहा कि छात्रों को देश की सीमाओं पर जाकर सैनिकों के जीवन और राष्ट्र रक्षा के जज्बे को समझने का अवसर मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव है। प्राचार्या रीना गुप्ता ने कहा कि इस यात्रा से विद्यार्थियों को अनुशासन, राष्ट्र सेवा और देश के प्रति जिम्मेदारी को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
स्पोर्ट्स टीचर के मार्गदर्शन की सराहना
छात्रों की इस उपलब्धि में स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर तसव्वर बेग (टैसब्बर बेग) के मार्गदर्शन की भी सराहना की गई। उन्होंने अखिल और सुमित को बधाई देते हुए कहा कि सीमा का भ्रमण और सैनिकों के जीवन को करीब से समझना दोनों छात्रों के लिए यादगार अनुभव होगा।

छात्रों ने कहा- सपने के सच होने जैसा अवसर
यात्रा पर रवाना हुए अखिल माहौर और सुमित पाल ने खुशी जताते हुए कहा कि देश की सीमा पर जाकर सैनिकों के जीवन को करीब से देखना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के जरिए उन्हें देश, सेना, अनुशासन और राष्ट्र सेवा को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। छात्रों के अभिभावकों ने भी ‘मां तुझे प्रणाम योजना’ की सराहना की। उनका कहना है कि इस तरह की यात्रा से विद्यार्थियों को सैनिकों के जीवन और राष्ट्र रक्षा के प्रति उनके योगदान को समझने का अवसर मिलेगा।






















