मेक्सिको सिटी। जिस नाम से अमेरिका से लेकर लैटिन अमेरिका तक सुरक्षा एजेंसियां कांपती थीं, वही नाम अब इतिहास बन चुका है। दुनिया के सबसे वॉन्टेड ड्रग तस्करों में शामिल ‘एल मेंचो’ उर्फ नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस एक सैन्य अभियान के बाद मारा गया। उसकी मौत की खबर फैलते ही मैक्सिको के कई राज्यों में आगजनी, गोलीबारी और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। यह सिर्फ एक ड्रग लॉर्ड की मौत नहीं, बल्कि उस हिंसक साम्राज्य का अंत है जिसने एक दशक तक मैक्सिको और अमेरिका को नशे और खून में डुबोए रखा।
मैक्सिकन डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि, पश्चिमी राज्य Jalisco में चलाए गए एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के दौरान ‘एल मेंचो’ गंभीर रूप से घायल हुआ। 59 वर्षीय नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस को इसके बाद एयरलिफ्ट कर राजधानी ले जाया जा रहा था, लेकिन हवाई ट्रांसफर के दौरान लगी गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
हालांकि, मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि, इस पूरे ऑपरेशन और मौत से जुड़ी विस्तृत जानकारी सिक्योरिटी कैबिनेट साझा करेगी।
एल मेंचो की मौत की खबर सामने आते ही उसके संगठन जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) के गढ़ वाले इलाकों में हालात बेकाबू हो गए। अधिकारियों और स्थानीय मीडिया के मुताबिक, जलिस्को, गुआनाजुआतो, नायरिट, मिचोआकन और तमाउलिपास में बसों, ट्रकों और निजी गाड़ियों में आग लगा दी गई। कई जगह मुख्य सड़कों और हाईवे को ब्लॉक कर दिया गया। ग्वाडलहारा जैसे बड़े शहरों में लोग बदले की कार्रवाई के डर से सड़कों और ट्रांसपोर्ट हब से भागते नजर आए।
जलिस्को के गवर्नर Pablo Lemus Navarro ने राज्य में ‘कोड रेड’ सिक्योरिटी अलर्ट घोषित किया। उन्होंने कहा, हम कोड रेड में हैं। लोगों से अपील है कि वे घरों से बाहर न निकलें। कई फेडरल इलाकों में सुरक्षा बलों और हथियारबंद गिरोहों के बीच झड़पें जारी हैं। कई इलाकों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद कर दिया गया और स्टेट हाईवे पर यात्रा से मना किया गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एल मेंचो को ग्वाडलहारा से करीब 80 मील दक्षिण-पश्चिम स्थित पहाड़ी शहर तपालपा के आसपास एक फेडरल ऑपरेशन में निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इलाके में भारी गोलीबारी, हेलिकॉप्टरों की आवाज और सुरक्षा बलों की तैनाती साफ देखी गई।
हालात बिगड़ने के बाद मेक्सिको सिटी स्थित भारतीय दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी की है। भारतीय नागरिकों को जलिस्को (ग्वाडलहारा, पुएर्तो वालार्टा, चापाला), तमाउलिपास (रेनोसा), मिचोआकन, गुरेरो और न्यूवो लियोन जैसे राज्यों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। आपात स्थिति में 911 या भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क की सलाह दी गई है।
वहीं U.S. Embassy in Mexico ने भी अमेरिकी नागरिकों के लिए सिक्योरिटी अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस का जन्म 1966 में मिचोआकन में हुआ था, जो अफीम और मारिजुआना की खेती के लिए जाना जाता है।
शुरुआत में उसने खेतों में मजदूरी की, फिर अवैध रास्ते से अमेरिका पहुंचा। वहां हेरोइन तस्करी के आरोप में जेल गया और बाद में डिपोर्ट होकर मैक्सिको लौटा।
मेक्सिको लौटने के बाद उसने पुलिस में नौकरी की, लेकिन जल्द ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। पहले उसने Sinaloa Cartel के साथ काम किया और बाद में अपना अलग संगठन खड़ा कर लिया CJNG।
CJNG ने बेहद कम समय में खुद को मेक्सिको के सबसे ताकतवर और खतरनाक कार्टेल्स में शामिल कर लिया। एल मेंचो की पहचान उसकी बेरहमी और मिलिट्री-स्टाइल रणनीति से बनी।
क्रूरता की मिसाल
2015 का हेलीकॉप्टर हमला
2015 में एल मेंचो ने खुद को पकड़ने आए सैन्य हेलीकॉप्टर को RPG (रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड) से गिरवा दिया था, ताकि वह बचकर निकल सके।
कार्टेल की निजी सेना और हथियार
रिपोर्ट्स के अनुसार, CJNG के पास मशीन गन, ड्रोन, आर्मर्ड व्हीकल, टैंक और बॉडी आर्मर तक मौजूद थे। UN वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट 2025 के मुताबिक, मैक्सिकन ड्रग कार्टेल्स सालाना $12.1 बिलियन (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा कमाते हैं।
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एल मेंचो अमेरिका में फेंटानिल जैसी घातक ड्रग्स की सप्लाई का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता था। अमेरिकी सरकार ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 15 मिलियन डॉलर (करीब 136 करोड़ रुपए) का इनाम घोषित किया था। अमेरिका के मुताबिक, फेंटानिल और अन्य ड्रग्स हर साल लाखों लोगों को नशे की लत और हजारों को मौत के मुंह में धकेल देती हैं।
सिनालोआ कार्टेल के कुख्यात ड्रग लॉर्ड Joaquín Guzmán उर्फ अल चैपो की गिरफ्तारी के बाद एल मेंचो मेक्सिको का सबसे बड़ा इनाम बन गया था।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एल मेंचो ने सुरक्षा के लिए नेताओं और पुलिस को भारी रिश्वत दी। कोरोना महामारी के दौरान उसने गरीबों में भोजन पैकेट बांटे, ताकि खुद को ‘रक्षक’ की तरह पेश कर सके और सामाजिक समर्थन बना रहे।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ड्रग कार्टेल्स को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं और उन्हें खत्म करने की धमकी दे चुके हैं। हालांकि मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबाम ने साफ कहा है कि, अमेरिका किसी देश की संप्रभुता में दखल नहीं दे सकता।
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