भोपाल। विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर पहुंचे थे। इस दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील में भारत के किसानों का छला गया है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ जो डील की गई है उससे किसानों, कपास वाले किसानों, सोयाबीन वाले किसानों, धान वाले किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील भारत के किसानों के साथ अन्याय है। इससे पहले कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के कक्ष से प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के मुखौटे लगाकर निकले और उन्होंने केंद्र सरकार के विरुद्ध नारे लगाए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह प्रदर्शन मात्र एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश के अन्नदाताओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा के लिए उठाई गई सशक्त आवाज है। उन्होंने कहा कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील हमारे किसानों के लिए एक बड़ा खतरा बनकर सामने आ रही है। यदि सस्ता विदेशी सोयाबीन, मक्का और कपास भारतीय बाजार में प्रवेश करता है, तो इसका सीधा और गंभीर प्रभाव हमारे मेहनतकश किसानों, कृषि मंडियों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील के खिलाफ किसान आंदोलन की शुरुआत करने के लिए लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 24 फरवरी को भोपाल पहुंच रहे हैं। भोपाल में वे किसान आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इस दौरान प्रदेशभर से किसान और कांग्रेस नेता भोपाल पहुंचेंगे। प्रदेश कांग्रेस ने आंदोलन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
किसान आंदोलन की तैयारियों के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता भी भोपाल पहुंचे हैं। रविवार को कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेड डील पर देश को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारत पर 3 से 18 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ने पर भी जश्न मना रही है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील देशहित, किसानों, युवाओं, ऊर्जा सुरक्षा और डेटा संप्रभुता के खिलाफ है।