आजकल सोशल मीडिया पर कई ट्रेंड बिना सोचे-समझे वायरल हो जाते हैं और लोग उन्हें फॉलो भी करने लगते हैं। ऐसा ही एक अजीब ट्रेंड इन दिनों तेजी से चर्चा में है, जिसमें महिलाएं अपने चेहरे पर पीरियड ब्लड लगा रही हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स इसे नेचुरल फेशियल बताकर दावा करती हैं कि यह वैम्पायर फेशियल या PRP जैसा असर देता है। लेकिन सवाल ये है कि क्या वास्तव में ऐसा करने से स्किन ग्लो करती है?
इस ट्रेंड में महिलाएं अपने Menstrual ब्लड यानी पीरियड के खून को चेहरे पर मास्क की तरह लगा रही हैं। इंटरनेट पर कहा जा रहा है कि इससे एक्ने कम होते हैं, कोलेजन बढ़ता है, सूजन घटती है और त्वचा में निखार आता है। कई लोग इसे नेचुरल और पावरफुल बताते हैं।
लोगों का दावा है कि पीरियड ब्लड में स्टेम सेल्स और साइटोकाइन्स होते हैं, जो स्किन को रिपेयर कर सकते हैं। लेकिन ये सिर्फ एक थ्योरी है। इस पर वैज्ञानिक शोध अभी भी जारी हैं। इसे सीधे चेहरे पर लगाने से स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं- पीरियड ब्लड कभी भी सीधे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए।
डर्मेटोलॉजिस्ट जब PRP जैसे ट्रीटमेंट करते हैं, तो उसमें इस्तेमाल होने वाला ब्लड पूरी तरह स्टेराइल माहौल में प्रोसेस किया जाता है। उसे मशीनों से अलग किया जाता है जिसके बाद ही इसे त्वचा में इंजेक्ट करते हैं।
लेकिन सोशल मीडिया पर जो महिलाएं घर पर अपने पीरियड ब्लड को चेहरे पर लगा रही हैं, उसमें ई.कोली, स्टैफिलोकोकस, स्ट्रेप्टोकोकस जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं।