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High Court News : कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पद पर बने रहेंगे उपभोक्ता आयोग के सदस्य

उपभोक्ता आयोग के 5 सदस्यों को मप्र हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अब आयोग में जब तक नई भर्तियां नहीं होतीं तब तक वर्तमान अध्यक्ष और सदस्य ही पद पर बने रहेंगे।
कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पद पर बने रहेंगे उपभोक्ता आयोग के सदस्य
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। उपभोक्ता आयोगों में कामकाज ठप होने की आशंका के बीच मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस एमएस भट्टी की बेंच ने 5 सदस्यों को राहत देते हुए कहा है कि जब तक नई नियुक्तियां नहीं होतीं, तब तक मौजूदा अध्यक्ष और सदस्य ही पद पर बने रहेंगे। हाईकोर्ट का यह आदेश उन सभी पर लागू होगा, जो रिटायर हो चुके हैं। 

    मंडला के सदस्यों की याचिका

    हाईकोर्ट ने ये आदेश मंडला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य डॉ.  प्रसन्न कुमार दुबे, श्योपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सदस्य संगीता बंसल, पन्ना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य उमेश कुमार पटेल, भिंड जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सदस्य डॉ.  मीना शर्मा और मंडला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सदस्य डॉ. मुक्ता जोशी द्वारा दायर याचिकाओं पर दिया।याचिकाकर्ताओं ने राहत मांगते हुए कहा था कि जब तक नए नियम लागू नहीं होते और नई नियुक्तियां नहीं हो जातीं, तब तक उन्हें पद पर बने रहने की अनुमति दी जाए।

    राज्य सरकार का पक्ष : कार्यकाल खत्म तो पद पर कैसे 

    मामलों पर हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकित सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए फैसले का हवाला दिया, जिसमें उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2020 के नियम 10(2) को निरस्त किया गया था। इस फैसले के कारण नई नियुक्तियों की प्रक्रिया फिलहाल अटकी हुई है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ताओं का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का हवाला

    दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अध्यक्ष और सदस्यों के न होने पर उपभोक्ता फोरम में न्यायिक कामकाज ठप हो जाएगा। इससे आम उपभोक्ताओं के मामलों के निपटारे पर असर पड़ेगा। अदालत ने इस बारे में दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के मद्देनजर अपना आदेश सुनाते हुए याचिकाकर्ताओं को राहत प्रदान की। 

    People's Reporter
    By People's Reporter

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