
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोमवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया। मायावती ने कहा कि आकाश ने परिपक्वता दिखाने के बजाय अहंकार और स्वार्थ की राह चुन ली। उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश अपने ससुर के प्रभाव में आकर गलत रास्ते पर चले गए हैं। मायावती ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनके रहते हुए पार्टी में कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा और वे अंतिम सांस तक बसपा को अपने नेतृत्व में आगे बढ़ाती रहेंगी।
एक दिन पहले छीनी गई थी सभी जिम्मेदारियां
रविवार को ही मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके उत्तराधिकारी बनने की कोई संभावना नहीं है। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि उनके लिए बसपा और दलित आंदोलन ही सर्वोपरि हैं, न कि परिवार और रिश्तेदार।
15 महीने में दो बार उत्तराधिकारी बने
आकाश आनंद मायावती के सबसे छोटे भाई के बेटे हैं। पिछले 15 महीनों में उन्हें दो बार बसपा का उत्तराधिकारी घोषित किया गया, लेकिन दोनों ही बार मायावती ने उन्हें पद से हटा दिया। पहली बार 10 दिसंबर 2023 को आकाश को उत्तराधिकारी घोषित किया गया था, लेकिन 7 मई 2024 को उनसे सभी जिम्मेदारियां छीन ली गईं। 23 जून 2024 को उन्हें दोबारा उत्तराधिकारी बनाया गया और नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई। 2 मार्च 2025 को एक बार फिर उनसे सारी जिम्मेदारियां छीन ली गईं और 3 मार्च को पार्टी से बाहर कर दिया गया।
मायावती ने तीन ट्वीट कर दी जानकारी
मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निकालने की घोषणा सोशल मीडिया के जरिए की। उन्होंने तीन ट्वीट में कहा कि आकाश ने खुद को सुधारने और परिपक्वता दिखाने का मौका गंवा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बसपा में अब किसी परिवारवाद के लिए जगह नहीं है।
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