मऊगंज में जल जीवन मिशन में घोटाला! 3.85 करोड़ की राशि पर EOW का शिकंजा, इंजीनियर और ठेकेदार पर केस

मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में जल जीवन मिशन के काम में कथित भ्रष्टाचार के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने बड़ी कार्रवाई की है। नईगढ़ी विकासखंड में अधूरे और घटिया निर्माण के बावजूद करीब 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपए की पूरी राशि का भुगतान किए जाने के मामले में EOW ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के तीन तत्कालीन इंजीनियरों और एक ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
कई गांवों में होना था पानी की व्यवस्था
मामला वर्ष 2021-22 का बताया जा रहा है। खटखरी, करह उर्फ खैरागढ़, शिवराजपुर और जुड़मनिया रघुनाथ समेत कई गांवों में ओवरहेड टैंक, सम्पवेल, पाइपलाइन और घर-घर नल कनेक्शन का काम कराया जाना था। इसके लिए मेसर्स शिवेन्द्र कुमार तिवारी को ठेका दिया गया था। आरोप है कि निर्माण कार्य अधूरे रहने के बावजूद दस्तावेजों में काम को पूरा दर्शाकर भुगतान कर दिया गया।
पहली बार पानी भरते ही गिर गई पानी की टंकी
EOW और तकनीकी टीम की जांच में निर्माण कार्यों की स्थिति सामने आई। खटखरी गांव में करीब 30 फीट ऊंची पानी की टंकी बनाई गई थी। जांच के अनुसार, टंकी में पहली बार पानी भरने के दौरान ही वह गिर गई। खास बात यह है कि रिकॉर्ड में इस काम को पूरा बताया गया था।
कागजों में 740 नल, जमीन पर एक भी टोंटी नहीं
करह गांव में रिकॉर्ड में 740 नल कनेक्शन दर्ज किए गए थे, लेकिन जांच के दौरान मौके पर एक भी नल की टोंटी नहीं मिली। इसी तरह पांच मोटर पंप लगाए जाने का उल्लेख था, जबकि मौके पर केवल एक मोटर पंप मिला। अन्य गांवों में भी टंकियां और पाइपलाइन अधूरी पाए जाने की बात जांच में सामने आई।
इन अधिकारियों और ठेकेदार पर दर्ज हुआ केस
जांच के बाद EOW ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जे.पी. द्विवेदी, सहायक यंत्री संजय पाण्डेय, उपयंत्री ए.पी. तिवारी और ठेकेदार शिवेन्द्र कुमार तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रकरण में BNS की धारा 316(5), 318(4), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। EOW ने मामले में आगे की विवेचना शुरू कर दी है।




















