देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI म्यूचुअल फंड ने IPO लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिए हैं। इससे साफ है कि कंपनी जल्द ही शेयर बाजार में एंट्री करने की तैयारी में है।
इस IPO की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी। मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, जिससे कंपनी को सीधे तौर पर कोई नया फंड नहीं मिलेगा।
ड्राफ्ट पेपर्स के मुताबिक, इस इश्यू में करीब 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। इस तरह का IPO आमतौर पर प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटाने के लिए लाया जाता है, जिससे निवेशकों को कंपनी में एंट्री का मौका मिलता है।
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इस ऑफर के तहत कंपनी के प्रमोटर्स SBI और अमूंडी अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे। फिलहाल SBI की हिस्सेदारी करीब 61.98% और अमूंडी की 36.40% है, जो IPO के बाद घट जाएगी।
कंपनी पहले ही संकेत दे चुकी थी कि मार्च तक ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए जाएंगे। अब इसके बाद IPO प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सितंबर तक लिस्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी के बोर्ड ने इसके लिए 12 महीने की टाइमलाइन को मंजूरी दी है।
SBI फंड मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। दिसंबर 2025 तक इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 12.5 लाख करोड़ रुपए रहा है। यह कंपनी 1987 में शुरू हुई थी और भारत की पहली नॉन-UTI म्यूचुअल फंड कंपनी रही है।