
इंफाल। मणिपुर में हिंसा नहीं थम रही है। केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के मणिपुर के कोंगबा नंदीबम लेकाई स्थित आवास में अज्ञात लोगों ने आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि गुरुवार देर रात आग पर काबू पा लिया। इस घटना में घर का कुछ हिस्सा और वाहन जल गए। जिस समय यह घटना घटी, उस समय केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री आरके रंजन सिंह अपने आवास पर नहीं थे। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इंटरनेट पर प्रतिबंध 20 जून तक बढ़ाया
उधर, अधिकारियों ने इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्वी जिलों में दोपहर 1 बजे तक कफ्र्यू में ढील देने का फैसला किया है, लेकिन राज्य की राजधानी के कुछ संवेदनशील हिस्सों में कोई ढील नहीं दी गई है। मणिपुर सरकार ने भी इंटरनेट पर प्रतिबंध को 20 जून तक बढ़ा दिया है। उल्लेखनीय है कि चुरा चांदपुर जिले में हिंसा की घटना घटित होने के बाद इंटरनेट सेवाओं पर तीन मई से प्रतिबंध लागू है।
#WATCH | Manipur: A mob torched Union Minister of State for External Affairs RK Ranjan Singh's residence at Kongba in Imphal on Thursday late night. https://t.co/zItifvGwoG pic.twitter.com/LWAWiJnRwc
— ANI (@ANI) June 16, 2023
दो दिन पहले हुई 9 लोगों की मौत
इससे पहले मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को खामेनलोक इलाके के एक गांव में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई थी और 10 अन्य घायल हो गए थे। यह क्षेत्र मेइती-बहुल इंफाल ईस्ट जिला और आदिवासी बहुल कांगपोकपी जिले की सीमाओं से लगा हुआ है।
पिछले एक महीने से हालात ठीक नहीं
गौरतलब है कि, मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़प हुई थी। मणिपुर की 53 प्रतिशत आबादी मैतेई समुदाय की है और ये मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं। आदिवासियों- नगा और कुकी की आबादी 40 प्रतिशत है और ये पर्वतीय जिलों में रहते हैं। करीब एक महीने पहले भड़की हिंसा में कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है और 310 अन्य घायल हुए हैं।
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