मनावर : डेढ़ साल से लकड़बग्घों की मौजूदगी से दहशत में ग्रामीण, झाड़ियों और प्राकृतिक गुफाओं में जमाया डेरा

धार। जिले के मनावर के ग्राम मोराड दाब्यापुरा क्षेत्र में इन दिनों दो लकड़बग्घों की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि ये दोनों लकड़बग्घे नाले के पास बड़ी-बड़ी झाड़ियों और प्राकृतिक गुफाओं में डेरा जमाए रहते हैं। डेढ़ साल से इनकी मौजूदगी समय-समय पर देखी जा रही है, जिससे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
गांव में दहशत का माहौल
ग्रामीण शंकर मुवेल, शिवराम रोडवे, भानसिंह सोलंकी, कुंवरसिंह रोडवे और मदनसिंह सोलंकी ने बताया कि दोनों लकड़बग्घे अक्सर अलग-अलग दिशाओं में घूमते रहते हैं। जैसे ही लोग आसपास इकट्ठा होते हैं, वे भागकर अपनी गुफाओं में चले जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ये पालतू पशुओं और छोटे जंगली जानवरों का शिकार भी कर चुके हैं।
डेढ़ साल से जारी सिलसिला
ग्रामीणों के मुताबिक, लकड़बग्घों की मौजूदगी का सिलसिला लगातार डेढ़ साल से चल रहा है। कभी वे लंबे समय तक गुफाओं में रहते हैं, तो कभी अचानक गायब हो जाते हैं और कुछ दिनों बाद दोबारा लौट आते हैं। इस अनिश्चित उपस्थिति ने गांववालों की चिंता और बढ़ा दी है।
वन विभाग को नहीं दी गई औपचारिक सूचना
गांववालों का कहना है कि अब तक इस संबंध में वन विभाग को कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, लगातार बढ़ते खौफ और संभावित खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने अब मांग की है कि वन विभाग तुरंत कार्रवाई कर इन लकड़बग्घों को क्षेत्र से हटाए।
ग्रामीणों का कहना है कि पालतू पशुओं पर खतरे और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग को त्वरित कदम उठाने चाहिए। उनका मानना है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो ये लकड़बग्घे गांव में बड़ा हादसा भी करा सकते हैं।












