NEET विवाद के बीच महाराष्ट्र में TET पर संकट,पेपर लीक के शक से टली परीक्षा

महाराष्ट्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। रविवार को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा( TET) को अंतिम समय में स्थगित कर दिया गया। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले ठाणे जिले के भिवंडी में कथित पेपर लीक की सूचना मिलने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने यह फैसला लया। पुलिस ने संदिग्धों के पास मिले प्रश्नपत्रों की जांच शुरू कर दी है। अब पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए शिक्षा विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं।
परीखा से एक दिन पहले सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 जून को आयोजित होनी थी। लेकिन 27 जून की सुबह भिवंडी में गोपनीय सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के पास ऐसे प्रश्न मिले, जिनके परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाने की आशंका जताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में कई सवाल खड़े होने के बाद परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया गया।
MSCE ने जारी किया आधिकारिक बयान
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (एमएससीई), पुणे ने आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परिषद ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका को देखते हुए 28 जून को प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित किया जा रहा है। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपडेट पर ही भरोसा करें। नई परीक्षा तिथि जांच पूरी होने के बाद घोषित की जाएगी।
बरामद पेपर असली है या नहीं, हो रही पुष्टि
फिलहाल शिक्षा विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि संदिग्धों के पास से बरामद प्रश्नपत्र वास्तव में शिक्षक पात्रता परीक्षा का असली पेपर है या फिर किसी कोचिंग संस्थान का मॉक टेस्ट। यदि जांच में दोनों प्रश्नपत्र एक जैसे पाए जाते हैं, तो पुलिस की ओर से आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे पेपर लीक नेटवर्क की भी जांच की जाएगी। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस और शिक्षा विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
भिवंडी थाने में दर्ज हुआ मामला
इस पूरे घटनाक्रम के बाद भिवंडी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र उनके पास कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि कहीं यह संगठित पेपर लीक गिरोह का मामला तो नहीं है।
4.28 लाख अभ्यर्थियों पर पड़ा असर
शिक्षक पात्रता परीक्षा में इस बार करीब 4 लाख 28 हजार अभ्यर्थियों को शामिल होना था। परीक्षा स्थगित होने से हजारों अभ्यर्थियों की तैयारियां और आगे की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है। कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन आखिरी समय में परीक्षा टलने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा।
पहले भी सामने आ चुका है पेपर लीक का मामला
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले वर्ष 2025 में कोल्हापुर से भी टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठे थे। अब एक बार फिर परीक्षा से ठीक पहले सामने आए इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था और गोपनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
NEET विवाद के बाद फिर उठे सवाल
देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पहले से ही चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल ही में नीट परीक्षा को लेकर उठे विवादों के बीच अब महाराष्ट्र TET परीक्षा का मामला सामने आने से परीक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस, शिक्षा विभाग और महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पेपर वास्तव में लीक हुआ था या बरामद दस्तावेज केवल मॉक टेस्ट का हिस्सा थे। इसके बाद ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी।












