Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Bharat Tiwari Encounter:भरत तिवारी को तीन नहीं 5 गोलियां लगी थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है। रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भरत तिवारी को कुल पांच गोलियां लगी थीं। इससे परिवार के उन आरोपों को नया आधार मिला है, जिनमें पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए थे।
भरत तिवारी को तीन नहीं 5 गोलियां लगी थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पांच गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। परिवार पहले से ही पांच गोलियां मारे जाने का दावा करता रहा था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच आयोग गठित कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई पुष्टि 

भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि उनके शरीर में कुल पांच गोलियां लगी थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, दो गोलियां बाईं जांघ के अलग-अलग हिस्सों में, दो गोलियां दाहिनी जांघ में और एक गोली बाएं पैर के पिछले हिस्से में लगी थी। इस खुलासे के बाद एनकाउंटर की परिस्थितियों को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। 

ये भी पढ़ें: किसान या केंद्रीय मंत्री? 99 लाख की सब्सिडी ने छेड़ी नई बहस, अपने ही मंत्रालय से मदद लेने पर घिरे भागीरथ चौधरी; जानें सफाई में क्या बोले

परिवार ने 5 गोलियां मारे जाने का किया था दावा 

भरत तिवारी के परिजनों ने शुरू से ही आरोप लगाया था कि उन्हें एक-दो नहीं बल्कि पांच गोलियां मारी गई थीं। परिवार का कहना है कि भरत ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई। इसी आधार पर उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है।

Breaking News

सरकार ने न्यायिक जांच का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए रिटायर्ड न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित किया गया है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें: CG NEWS: CGMSC ऑडिट में 1136 करोड़ का हिसाब गायब! दवा खरीदी, मेडिकल उपकरण और निर्माण कार्य में भारी वित्तीय गड़बड़ी उजागर।

सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के रूप में थी पहचान

बता दें कि भरत तिवारी भोजपुर के बिलौटी गांव के निवासी थे और सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाते थे। नदी कटाव, भ्रष्टाचार और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता की चर्चा होती रही है। 17 जून 2026 को पुलिस एनकाउंटर में उनकी मौत हो गई थी। जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।

विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर 

एनकाउंटर के बाद विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कुछ पुलिस अधिकारियों को हटाया गया है और जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने से उम्मीद की जा रही है कि जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

Latest Posts