मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों नासिक के कथित फर्जी बाबा अशोक खरात रेप केस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले की गूंज इतनी तेज हुई कि आखिरकार महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली निलेश चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
विपक्षी दलों के लगातार आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें और मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद यह पूरा घटनाक्रम तेजी से बदला। इस मामले ने न केवल राजनीति बल्कि समाज में भी गहरी चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि आरोप एक ऐसे व्यक्ति पर हैं जो खुद को सिद्ध ज्योतिषी और आध्यात्मिक गुरु बताता था।
महाराष्ट्र के नासिक जिले में पुलिस ने 67 वर्षीय स्व-घोषित ज्योतिषी अशोक खरात को एक महिला से बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 के बीच कई बार महिला का यौन शोषण किया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि, आरोपी उसे पूजा-पाठ और ज्योतिषीय उपायों के बहाने अपने ऑफिस बुलाता था। यह ऑफिस नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके में स्थित था।
महिला के मुताबिक, आरोपी उसे डराता था कि उसकी भविष्यवाणी के अनुसार उसके पति की जान खतरे में है। इसी डर का फायदा उठाकर वह महिला को नशीला पेय पिलाता और उसके साथ दुष्कर्म करता था। पुलिस को शक है कि, इस तरह की घटनाओं का शिकार केवल एक महिला नहीं बल्कि कई महिलाएं हो सकती हैं।
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नासिक पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष रणनीति बनाई थी। पुलिस टीम ने रात के समय आरोपी के घर के बाहर चोर-चोर चिल्लाकर अफरा-तफरी का माहौल बनाया। इस हंगामे के बीच पुलिस घर के अंदर पहुंची और अशोक खरात को उसके बेडरूम से गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपी के फार्महाउस से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और इस्तेमाल किए गए कारतूस भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा आरोपी के मंदिर और आश्रम में भी तलाशी ली गई, जहां कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पुलिस के अनुसार उसकी कई संपत्तियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं।
पुलिस जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि, आरोपी के पास कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इन वीडियो के मिलने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि, इस मामले में कई अन्य महिलाएं भी पीड़ित हो सकती हैं। फिलहाल अदालत ने आरोपी अशोक खरात को 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
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इस पूरे मामले में उस समय नया मोड़ आया जब सोशल मीडिया पर रुपाली चाकणकर और अशोक खरात की एक तस्वीर वायरल हो गई। इस तस्वीर में चाकणकर कथित तौर पर आरोपी बाबा का स्वागत करती दिखाई दे रही थीं। इसके बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि, महिला आयोग की अध्यक्ष का आरोपी से संबंध है। विपक्ष ने सवाल उठाया कि जिस संस्था का काम महिलाओं को न्याय दिलाना है, उसके प्रमुख का नाम ऐसे मामले में क्यों सामने आ रहा है।
शिवसेना (UBT) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। शिवसेना (UBT) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने दावा किया कि अशोक खरात के प्रभाव में आकर रुपाली चाकणकर ने एक तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान अपनी अनामिका उंगली तक काट ली थी। उन्होंने कुछ तस्वीरें भी दिखाई जिनमें चाकणकर की तीसरी उंगली पर पट्टी बंधी दिखाई दे रही थी।
इसके अलावा शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि, महिला आयोग की अध्यक्ष का काम महिलाओं को न्याय दिलाना है, लेकिन वह एक ऐसे व्यक्ति के पैर धो रही थीं जिस पर बलात्कार का आरोप है।
विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रुपाली चाकणकर को अपने सरकारी निवास ‘वर्षा’ पर चर्चा के लिए बुलाया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में मुख्यमंत्री ने उनसे तुरंत इस्तीफा देने के लिए कहा। मुलाकात के बाद रुपाली चाकणकर ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया।

अपने इस्तीफे में रुपाली चाकणकर ने लिखा कि, उन्हें 15 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने पत्र में कहा कि, वह व्यक्तिगत कारणों से स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि, उनके कार्यकाल के दौरान सरकार से उन्हें पूरा सहयोग मिला और इसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने इस्तीफे को स्वीकार करने का अनुरोध भी किया।
दिलचस्प बात यह है कि, विवाद सामने आने से पहले रुपाली चाकणकर ने खुद इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने की मांग की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर कहा था कि अशोक खरात पर लगे रेप और यौन शोषण के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महिला आयोग की ओर से यह भी कहा गया था कि पीड़ित महिलाओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
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विवाद बढ़ने के बाद रुपाली चाकणकर ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि, जब वह एक राजनीतिक संगठन में प्रदेश अध्यक्ष थीं, उसी समय से वह मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने बताया कि, वह अपने परिवार के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होती थीं और मीडिया में जो वीडियो वायरल हो रहा है वह पुराना है, जो गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रम का है। चाकणकर ने कहा कि, किसी व्यक्ति के भविष्य के बारे में पहले से अंदाजा लगाना संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
जांच में यह भी सामने आया है कि अशोक खरात नासिक जिले के सिन्नर तालुका के मिरगांव स्थित श्री ईशनेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट का चेयरमैन था। मंदिर परिसर में उसका एक आलीशान फार्महाउस भी है, जहां कथित तौर पर कई प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। इसके अलावा वह नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके में “ओकस प्रॉपर्टी डीलर्स एंड डेवलपर्स” नाम से एक ऑफिस चलाता था। पुलिस को शक है कि, इस ऑफिस में ज्योतिष और धार्मिक गतिविधियों की आड़ में कई आपराधिक गतिविधियां भी होती थीं।
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को सिद्ध ज्योतिषी बताकर महिलाओं का विश्वास जीतता था। इसके बाद वह उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और डर का फायदा उठाता था। पीड़िता ने बताया कि, आरोपी उसे कहता था कि उसके पति की जान खतरे में है और केवल विशेष पूजा या अनुष्ठान ही उसे बचा सकते हैं। इस तरह वह महिलाओं को मानसिक रूप से डराकर अपने जाल में फंसा लेता था।
अशोक खरात रेप केस अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है बल्कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है कि महिला आयोग जैसी संवेदनशील संस्था के प्रमुख का नाम ऐसे विवाद में क्यों आया। वहीं सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।