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अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव :कांग्रेस के 12 निलंबित पार्षद BJP में शामिल, शिवसेना और कांग्रेस को बड़ा झटका

अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस के 12 निलंबित पार्षदों का बीजेपी में शामिल होना और 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' गठबंधन का गठन, शहर के राजनीतिक समीकरण बदलने वाला कदम। इससे शिवसेना और कांग्रेस दोनों को झटका लगा और बीजेपी का स्थानीय प्रभुत्व मजबूत हुआ।
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कांग्रेस के 12 निलंबित पार्षद BJP में शामिल, शिवसेना और कांग्रेस को बड़ा झटका
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मुंबई। अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव ने शहर की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह बदल दी है। कांग्रेस के 12 निलंबित पार्षदों का बीजेपी में शामिल होना और बहुमत वाली नई गठबंधन ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) का गठन, शहर की सत्ता समीकरण को बीजेपी के पक्ष में ले गया है। शिवसेना और कांग्रेस दोनों के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है।

    निलंबन और गठबंधन

    20 दिसंबर 2025 को हुए चुनावों के बाद कांग्रेस के 12 पार्षदों ने बीजेपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ बनाई। इस गठबंधन में बीजेपी, कांग्रेस के 12 निलंबित पार्षद, एनसीपी (अजीत पवार नेतृत्व) शामिल है।

    कांग्रेस आलाकमान ने इन पार्षदों को पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने के कारण निलंबित कर दिया। इसके बाद ये सभी पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने औपचारिक रूप से उनका स्वागत किया।

    सत्ता का समीकरण और बहुमत

    अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव के परिणाम इस प्रकार रहे-

    शिवसेना (शिंदे गुट): 27 सीटें

    बीजेपी: 14 सीटें

    कांग्रेस: 12 सीटें

    एनसीपी: 4 सीटें

    शिवसेना बहुमत से केवल 4 सीटें पीछे रह गई थी, लेकिन बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर अपनी ताकत बढ़ा ली। इस तीन-दलीय गठबंधन का आंकड़ा अब 32 पार्षदों तक पहुंच गया, जबकि बहुमत का आंकड़ा 30 है। इस गठबंधन से बीजेपी को नगर परिषद में नेतृत्व संभालने का अवसर मिला और शिवसेना के लिए यह बड़ा झटका साबित हुआ।

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    विकास के नाम पर पार्टी परिवर्तन

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने बताया कि, इन पार्षदों ने जनता से विकास का वादा किया था। मौजूदा सरकार की गतिशील कार्यशैली और विकास के काम को देखते हुए उन्होंने बीजेपी के साथ आने का फैसला किया। नतीजतन, स्थानीय स्तर पर बीजेपी का आधार और मजबूत हुआ और अंबरनाथ नगर परिषद में यह गठबंधन प्रमुख नेतृत्व करेगा।

    राजनीतिक नतीजे

    इस गठबंधन के बाद शहर में राजनीतिक स्थिति इस प्रकार बदल गई-

    • कांग्रेस का स्थानीय आधार कमजोर हुआ।
    • शिवसेना बहुमत के करीब होने के बावजूद गठबंधन की गणित में पीछे रह गई।
    • बीजेपी ने शहर में अपना राजनीतिक प्रभुत्व मजबूत किया।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि, यह कदम आगामी चुनावों में बीजेपी के लिए लाभकारी होगा और कांग्रेस तथा शिंदे गुट के लिए चुनौती बढ़ाएगा।

    अंबरनाथ के बारे में जानें

    अंबरनाथ महाराष्ट्र का एक शहर है, जो मुंबई से लगभग 60 किलोमीटर पूर्व में ठाणे जिले में स्थित है। यह मुंबई के उपनगर क्षेत्र का हिस्सा है। शहर में 11वीं शताब्दी का प्राचीन अमरनाथ शिव मंदिर है, जो धार्मिक दृष्टि से प्रसिद्ध है। अंबरनाथ एक आवासीय और धार्मिक मिश्रित क्षेत्र है।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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