नई दिल्ली। 6 जनवरी की रात दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़की। पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थरबाजी की गई, पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। अफवाहों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण हजारों लोग इलाके में एकत्र हो गए।
दिल्ली पुलिस ने अब तक 30 पत्थरबाजों की पहचान की है और आरोपियों को हिरासत में लेने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। हिंसा की जांच में यह भी सामने आया कि, इसमें केवल स्थानीय लोग शामिल नहीं थे, बल्कि बाहरी लोगों ने भी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को उकसाया।
पुलिस ने CCTV फुटेज, बॉडी कैम रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में काशिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद अरीब, अदनान और समीर शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है जो ड्रोन कैमरा और तकनीकी निगरानी के जरिए फरार आरोपियों की तलाश में लगी है।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि, कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को कड़ी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। जांच में यह सामने आया कि, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए बाहरी लोग स्थानीय निवासियों को उकसाने का काम कर रहे थे। पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों की भी व्यापक जांच कर रही है।
जांच में यह पता चला कि, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी घटनास्थल पर मौजूद थे और पुलिस की बार-बार सलाह के बावजूद वहां से नहीं गए। पुलिस अब उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजने की तैयारी कर रही है। एसटी हसन जैसे अन्य सपा नेताओं ने हिंसा का बचाव करते हुए कहा कि, अतिक्रमण हटाने के नाम पर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा और इसलिए रिएक्शन आया।
फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने दिल्ली MCD के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। आदेश के तहत मस्जिद के बाहर बनी अवैध संरचनाओं जैसे बारात घर और डायग्नोस्टिक सेंटर को हटाया गया।
मुख्य विवाद: मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन और वक्फ संपत्ति का मसला।
हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को सभी पक्षों से चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। MCD ने कहा कि, अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना या वैध कब्जे के दस्तावेज नहीं पेश किए गए थे।
जानकारी के अनुसार, हिंसा की प्रमुख वजह सोशल मीडिया पर फैलाए गए झूठे पोस्ट थे। एक पोस्ट में दावा किया गया कि, मस्जिद गिराई जा रही है। इस पोस्ट के तुरंत बाद लोग जमा हो गए, पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकने लगे।
इसके कारण इलाके में तनाव बढ़ा और कई लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को नियंत्रण में किया।
हिंसा के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। पुलिस ने जनता से अपील की है कि, अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन लगातार इलाके की निगरानी कर रहा है। अराजकता और हिंसा को रोकने के लिए अर्धसैनिक बल भी तैनात हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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