Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

दिल्ली दंगा केस :आरोपी उमर खालिद को राहत, मां की सर्जरी के लिए 3 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर; हाईकोर्ट ने लगाईं कड़ी शर्तें

दिल्ली दंगा साजिश से जुड़े UAPA केस में जेल में बंद उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट से 3 दिन की अंतरिम जमानत मिली है। मां की मेजर सर्जरी के दौरान साथ रहने के लिए कोर्ट ने राहत दी, लेकिन घर और अस्पताल तक ही सीमित रहने समेत कई सख्त शर्तें लगाई हैं।
आरोपी उमर खालिद को राहत, मां की सर्जरी के लिए 3 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर; हाईकोर्ट ने लगाईं कड़ी शर्तें
जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद

उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े यूएपीए (UAPA) मामले में पिछले साढ़े पांच साल से जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें तीन दिनों की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। यह राहत उनकी मां की गंभीर सर्जरी को देखते हुए दी गई है, ताकि वह अस्पताल में उनके साथ रह सकें। हालांकि, कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह राहत सीमित समय और कड़ी शर्तों के साथ दी जा रही है।

मां की सर्जरी के दौरान साथ रहने की अनुमति

उमर खालिद ने अदालत से अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा था कि उनकी मां अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी मेजर सर्जरी होनी है। ऐसे मुश्किल समय में बेटे का मां के साथ रहना जरूरी है। खालिद के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि परिवार के लिए यह बेहद संवेदनशील समय है और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए तीन दिन की अंतरिम जमानत दे दी।

हाईकोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें

अदालत ने राहत देने के साथ कई कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं। कोर्ट ने कहा कि उमर खालिद को दिल्ली में अपने तय पते यानी घर पर ही रहना होगा। उन्हें केवल अस्पताल जाकर अपनी मां से मिलने की अनुमति होगी। इसके अलावा वह किसी अन्य सार्वजनिक जगह, सभा या कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे। अदालत ने उनके मूवमेंट को पूरी तरह सीमित कर दिया है।

ये भी पढ़ें: लंबे समय तक जेल में रखना अब 'सजा' जैसा? उमर खालिद की जमानत पर SC की सख्त टिप्पणी

एक ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने की अनुमति

कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान उमर खालिद केवल एक ही सक्रिय मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करेंगे। इस नंबर की जानकारी जांच एजेंसी को देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही उन्हें रिहाई के लिए एक लाख रुपये का जमानती बांड भरना होगा।

निचली अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका

इससे पहले निचली अदालत ने उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत का कहना था कि परिवार के अन्य सदस्य भी उनकी मां की देखभाल के लिए मौजूद हैं। इसके बाद खालिद ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां उन्हें राहत मिल गई।

ये भी पढ़ें: दिल्ली दंगा 2020 : जेल में ही रहेंगे उमर खालिद-शरजील इमाम, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत से किया इनकार; 5 अन्य आरोपी रिहा

लंबे समय से जेल में बंद है उमर खालिद

उमर खालिद सितंबर 2020 से दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े यूएपीए मामले में जेल में बंद हैं। उन पर गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। दिल्ली दंगों से जुड़े इस मामले को देश के सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है, जिसमें कई छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं पर साजिश रचने के आरोप लगाए गए थे।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

Latest Posts