सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय:दीवार पर धमकी, गेट पर लाल कपड़ा, उज्जैन यूनिवर्सिटी में आखिर कौन फैला रहा डर

उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कृषि अध्ययनशाला परिसर में हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने छात्रों और स्टाफ के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। नई बिल्डिंग के मुख्य प्रवेश द्वार पर अज्ञात लोगों द्वारा लिखा गया एक धमकी भरा संदेश और उसके साथ मिली कुछ अजीब वस्तुओं ने पूरे परिसर को हिला कर रख दिया।
सुबह सुबह दिखा डराने वाला मंजर
सुबह जब चौकीदार रोज की तरह अपने काम पर पहुंचा, तब उसे मुख्य गेट के पास कुछ असामान्य चीजें नजर आईं। वहां एक मटकी रखी हुई थी, जिस पर लाल कपड़ा चढ़ा था और पास में कुंकू जैसी सामग्री भी रखी हुई थी। इन चीजों को देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी तरह की तांत्रिक क्रिया की गई हो। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब उसने दीवार पर लाल रंग से लिखा हुआ संदेश देखा तुम सब मरोगे। यह शब्द किसी को भी डराने के लिए काफी थे।
सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सबसे पहले दीवार पर लिखे गए धमकी भरे शब्दों को मिटवाया गया और उस जगह पर तुरंत पुताई करवाई गई, ताकि छात्रों में और ज्यादा डर न फैले। साथ ही, वहां रखी गई मटकी, कपड़ा और अन्य संदिग्ध वस्तुओं को भी हटवा दिया गया। प्रशासन की कोशिश रही कि इस घटना का असर जल्द से जल्द कम किया जा सके।
छात्रों और कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद कृषि अध्ययनशाला में पढ़ने वाले लगभग 1100 छात्र छात्राओं और कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। कई छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनके मन में डर पैदा करती हैं और वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। कुछ छात्रों ने तो यह भी कहा कि वे अब कक्षाओं में आने को लेकर भी असहज महसूस कर रहे हैं। पढ़ाई का माहौल, जो पहले सामान्य था, अब इस घटना के बाद प्रभावित हो गया है।
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नई बिल्डिंग में सुरक्षा की कमी उजागर
घटना जिस स्थान पर हुई, वह विश्वविद्यालय की नई बिल्डिंग है, जहां हाल ही में कक्षाएं शुरू हुई हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह सामने आई कि उस क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए हैं। इसी कारण यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि आखिर यह हरकत किसने की। एक बड़े शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की सुरक्षा कमी ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तांत्रिक गतिविधि या सिर्फ डराने की कोशिश
मौके पर मिली सामग्री को देखकर कई लोग इसे तांत्रिक क्रिया से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासन ने अभी तक इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चीजों का इस्तेमाल अक्सर लोगों में डर फैलाने के लिए किया जाता है। असामाजिक तत्व इस तरह के तरीकों का उपयोग करके माहौल को अस्थिर करने की कोशिश करते हैं।
प्रशासन ने शुरू की जांच
पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह द्वारा की गई है, जिसकी पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभागाध्यक्ष ने भी इस घटना को असामाजिक तत्वों की हरकत बताते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। जल्द ही दोषियों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
इस घटना के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, गार्ड की संख्या बढ़ाने और निगरानी को सख्त करने जैसे कदम उठाए जाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे कदम उठाने से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा।
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