Naresh Bhagoria
3 Jan 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड ने इस बार हर रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। बर्फीली हवाओं और गिरते तापमान ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर तापमान 8 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में पहाड़ी इलाकों जैसी ठंड महसूस की जा रही हैं। मौसम विभाग ने 19 नवंबर को 20 से अधिक जिलों में शीतलहर (Cold Wave)का अलर्ट जारी किया है।
राजधानी भोपाल में 16-17 नवंबर की रात पारा 5.2 डिग्री पर पहुंच गया। यह तापमान साल 1941 के 6.1 डिग्री के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया। शहर में रातभर बर्फीली हवाएं चलीं सुबह कोहरा छाया रहा और लोगों को तेज ठिठुरन का सामना करना पड़ा।
IMD के अनुसार, मध्य प्रदेश के कई जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा।
सुबह-सुबह स्कूल कॉलेज जाने वाले बच्चे बर्फीली हवा में ठिठुरते हुए नजर आए। चारों तरफ ठंड इतनी थी कि बच्चे टोपी, मफलर और जैकेट में खुद को ढककर चल रहे थे। कई जगह माता-पिता भी बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे, ताकि वो ठंड से बच सकें।
भोपाल, विदिशा, सीहोर, धार, खंडवा, खरगोन, रीवा, शहडोल, जबलपुर, अनूपपुर, छतरपुर और बैतूल जैसे जिलों में कोलेड वेव का असर नजर आया। राजगढ़, इंदौर और शाजापुर में तीव्र शीतलहर दर्ज की गई। कई जिलों में अधिकतम तापमान 3 डिग्री तक नीचे रहा।
सबसे कम तापमान
अधिकतम तापमान
प्रदेश में तापमान में लगातार गिरावट जारी है और आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ सकता है।