Naresh Bhagoria
30 Nov 2025
पुष्पेन्द्र सिंह
भोपाल। मध्य प्रदेश, देश का दूसरा बड़ा राज्य है, जहां 57 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से नेशनल हाईवे की सड़कें का निर्माण किया जा रहा है। इस मामले में पहले स्थान पर महाराष्ट्र है जबकि बिहार तीसरे स्थान पर है। हाल के दिनों में प्रदेश में सड़कों का संजाल काफी विस्तार ले चुका है। आवागमन की सुविधाएं बढ़ी हैं। इसके साथ ही निवेश की संभावनाएं भी दोगुना बढ़ गर्इं हैं और पर्यटन को भी गति मिली है।औद्योगिक विकास होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 31 केंद्र शासित और राज्यों में एनएच की सड़कें बनाई जा रही हैं। बीते 4 साल में सड़क परियोजनाओं की संख्या बढ़ी है। राज्यों में सबसे ज्यादा लागत की सड़कें महाराष्ट्र में बन रही हैं। इसके बाद मध्यप्रदेश का नंबर है। यहां 83 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें आधे से ज्यादा परियोजनाओं में काम चल रहा है और दो दर्जन से ज्यादा पाइप लाइन में है।
ये भी पढ़ें: सिकल सेल और थैलेसीमिया जैसी आनुवंशिक बीमारियों से पीड़ित लाखों बच्चों की जिंदगी संवारेगी जीन थेरेपी
-आर्थिक विकास: महाकोशल क्षेत्र में गेहूं और धान व्यापार को फायदा
-कटनी क्षेत्र के कोयला उद्योग और बुधनी की टेक्सटाइल को बढ़ावा
-पर्यटन: उज्जैन महाकालेश्वर की धार्मिक यात्रा बढ़ेगी, खजुराहो, ओरछा, मैहर और टाइगर रिजर्व में पर्यटकों का आवागमन ज्यादा होगा।
-दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे (मप्र भाग) 8 लेन
-रीवा-कटनी-जबलपुर-लखनादौन 4 लेन
-ग्वालियर-गुना-इंदौर-खलघाट महा. बॉर्डर (आगरा-मुंबई हाईवे) 4 लेन
-भोपाल-इटारसी-बैतूल-मुलताई-पांढुर्ना-महा. बॉर्डर (भोपाल-नागपुर हाईवे) 4 लेन
-भोपाल-जबलपुर 4 लेन
ये भी पढ़ें: सैन्य नगरी महू में आज आयोजित होगा संयुक्त रण-संवाद, हिस्सा लेंगे रक्षामंत्री, सीडीएस, वायु और नौसेना प्रमुख
वर्ष 2028 के उज्जैन सिंहस्थ में यातायात सुगम होगा। इन सड़कों से ट्रॉफिक मैनेजमेंट भी किया जा सकेगा। मोहन सरकार बनने के बाद प्रदेश की सड़कों पर विशेष तौर पर फोकस किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मोहन यादव के सीएम रहते चार बार मप्र आए हैं और हर बार सड़कों की सौगात दी है। शनिवार को भी उन्होंने 60 हजार करोड़ से अ?धिक की कई परियोजनाओं को मंजूरी दी।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों में कई सड़क परियोजनाएं चल रही हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 257 परियोजनाएं कार्यरत हैं, जिनकी कुल लंबाई 4,181 किलोमीटर है और इन पर लगभग 83,160 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में 83 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी लंबाई 3,378 किलोमीटर है और इनकी लागत 57,227 करोड़ रुपए है। बिहार में 73 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी कुल लंबाई 1,542 किमी है और इन पर 54,501 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। कर्नाटक में 114 परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनकी लंबाई 2,138 किमी है और इनकी लागत 46,412 करोड़ रुपए है। इसी प्रकार गुजरात में भी 114 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी लंबाई 2,053 किलोमीटर है और इन पर 42,000 करोड़ रुपए की लागत आंकी गई है।
ये भी पढ़ें: भारत ने अमेरिकी 50% टैरिफ लागू होने से पहले अपना पक्ष रखने के लिए हायर की दूसरी लॉबिंग फर्म
5 साल पहले मेरी पोस्टिंग जबलपुर में थी। सड़क मार्ग से भोपाल जाना-आना होता था। तब सफर 8-10 घंटे का होता था। हाल ही में हम जबलपुर सड़क मार्ग से गए थे। 3.30 घंटे में जबलपुर पहुंच गए। एनएच पर यात्रा सुखद रही।
श्रीकांत पांडे, सेवानिवृत्त प्रोजेक्ट ऑफिसर, भोपाल
प्रदेश में एनएच की सड़कें बनने का कार्य जारी है। 11 बड़ी परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं और 9 बड़ी परियोजनाओं पर कार्य जारी है। सड़कों के बनने से औद्योगिक, पर्यटन, आर्थिक विकास बढ़ेगा।
एसके सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई मप्र