मानसून फिर हुआ एक्टिव!दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में दिखाई देने लगा है। इसके चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और कई अन्य राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, सिक्किम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ और मध्य महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से बारिश का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसका असर अगले सात दिनों तक बना रह सकता है।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ी चिंता
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मैदानी राज्यों को मिलेगी गर्मी से राहत
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से उमस बढ़ी हुई थी। अब हल्की और मध्यम बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कई स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और ट्रैफिक की समस्या भी पैदा हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले एक सप्ताह तक लगातार बारिश की संभावना जताई गई है। इससे निचले इलाकों में पानी भरने और खेती पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
दो मौसम प्रणालियों का दिखेगा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के साथ भूमध्य रेखा के पास भी एक नई मौसम प्रणाली सक्रिय हो रही है। इन दोनों प्रणालियों का असर 20 से 30 जुलाई के बीच उत्तर और मध्य भारत में देखने को मिल सकता है। इस दौरान मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश कम रहने के कारण गर्मी का असर बना हुआ है और वहां हीटवेव जैसी स्थिति देखी जा सकती है।
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लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने को कहा गया है। किसानों से भी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की अपील की गई है। प्रशासन को संभावित जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।











