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मध्यप्रदेश निगम-मंडलों में जल्द होंगी नियुक्तियां, 'एक व्यक्ति एक पद' फॉर्मूले पर भाजपा की रणनीति तय

मध्यप्रदेश निगम-मंडलों में जल्द होंगी नियुक्तियां, 'एक व्यक्ति एक पद' फॉर्मूले पर भाजपा की रणनीति तय
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्यप्रदेश में राजनीतिक पुनर्वास की राह देख रहे बीजेपी नेताओं के लिए जल्द राहत की खबर आने वाली है। प्रदेश के 48 निगम, मंडल और बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर मंथन अब अंतिम चरण में है। बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सीएम हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी मौजूद रहे। इस बैठक में राजनीतिक नियुक्तियों के साथ ही संगठनात्मक कार्यकारिणी को लेकर भी अहम रणनीति बनी।

    संगठन और सरकार के लिए नई टीम तैयार

    मध्यप्रदेश के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में हाल ही में भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणियां घोषित की जा चुकी हैं। अब मध्यप्रदेश में भी प्रदेश और जिला कार्यकारिणियों की घोषणा जल्द की जा सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, टीम हेमंत में नए और जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि लंबे समय से संगठन में सक्रिय कुछ पुराने चेहरों को इस बार किनारे किया जा सकता है।

    ‘एक व्यक्ति एक पद’ फॉर्मूले पर सख्ती

    भाजपा इस बार संगठन और निगम-मंडल में पदों की बंदरबांट रोकने के लिए ‘एक व्यक्ति एक पद’ फॉर्मूले को सख्ती से लागू करने जा रही है। यानी जो नेता निगम-मंडल में चेयरमैन या डिप्टी चेयरमैन बनाए जाएंगे, उन्हें संगठन में कोई दायित्व नहीं मिलेगा। इससे संगठनात्मक पदों पर भी नई ऊर्जा और स्पष्ट जवाबदेही तय की जा सकेगी।

    जिला कार्यकारिणी इसी माह के अंत तक घोषित

    भाजपा के संगठनात्मक जिलों में भी जल्द ही जिला कार्यकारिणियों की घोषणा होगी। इस बार विधानसभा क्षेत्रवार प्रभावी नेताओं, पूर्व प्रत्याशियों और विधायकों की सिफारिशों को भी महत्व दिया जा रहा है। प्रदेश स्तर से पर्यवेक्षक भेजकर जिलों से नाम पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं।

    राजनीतिक नियुक्तियों की दौड़ में कौन-कौन आगे?

    प्रदेश के 48 निगम, मंडल और प्राधिकरणों में अभी तक स्थायी चेयरमैन नहीं हैं। इनका प्रभार विभागीय मंत्री या सचिवों के पास है। पांच पूर्व मंत्रियों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं:

    • रामनिवास रावत (पूर्व वन मंत्री, कांग्रेस से भाजपा में आए)
    • उमाशंकर गुप्ता
    • अरविंद भदौरिया
    • कमल पटेल
    • अंचल सोनकर

    इनके अलावा कुछ मौजूदा और पूर्व विधायकों के नाम भी चर्चा में हैं, जैसे:

    • यशपाल सिसौदिया
    • ध्रुव नारायण सिंह
    • केके त्रिपाठी
    • राकेश गिरी
    • दिलीप शेखावत
    • भाजपा के पूर्व संगठन मंत्रियों शैलेंद्र बरुआ, विजय दुबे, आशुतोष तिवारी, श्याम महाजन, केशव भदौरिया और जयपाल चावड़ा को भी निगम-मंडल में पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    संगठन से इतर एजेंडे पर भी चर्चा

    मुख्यमंत्री और संगठन के बीच हुई बैठक में राजनीतिक नियुक्तियों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों पर भी मंथन हुआ। आने वाले समय में भाजपा द्वारा सेवा सप्ताह, रक्तदान शिविर, चिकित्सा शिविर, पशुपालन में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और मिट्टी से बने गणेश प्रतिमा को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

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    Vaishnavi Mavar
    By Vaishnavi Mavar

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