वक्फ बिल पर बवाल, मंत्री सारंग ने ओवैसी पर साधा निशाना, संसद में बिल की कॉपी फाड़े जाने पर राहुल-प्रियंका से पूछा सवाल
Publish Date: 3 Apr 2025, 7:03 PM (IST)Reading Time: 3 Minute Read
लोकसभा में वक्फ से जुड़े बिल के पास होने के बाद इस पर जबरदस्त सियासत जारी है। मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी सवाल किया है। मंत्री सारंग ने ओवैसी द्वारा संसद में बिल की कॉपी फाड़े जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संविधान का अपमान किया गया। लेकिन राहुल और प्रियंका गांधी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने पूछा कि ‘क्या राहुल-प्रियंका को ओवैसी की हरकत नहीं दिखी?’ साथ ही उन्होंने इस बिल को गरीबों के संरक्षण के लिए जरूरी बताया।
‘बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं’
मीडिया से बातचीत में मंत्री सारंग ने कहा कि ‘जब सभी की संपत्ति से जुड़े विवाद अदालत में जा सकते हैं, तो वक्फ बोर्ड से जुड़े मामले इससे बाहर क्यों रहें? कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका की अपनी भूमिकाएं, अधिकार और सीमाएं होती हैं, और इनका संतुलन बना रहना जरूरी है। लोकसभा में पारित यह बिल किसी विशेष समुदाय या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।’
गरीब मुस्लिमों को संरक्षण देने का काम करती है भाजपा
आगे उन्होंने कहा कि भाजपा मुस्लिम विरोध की राजनीति नहीं करती, बल्कि गरीब मुस्लिमों को संरक्षण देने का काम करती है। यह नया कानून भी इसी उद्देश्य से बनाया गया है। मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि हजारों मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं ने इस बिल के समर्थन में नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन दिया, जिससे यह साफ होता है कि यह कानून समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके हित में है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे केवल तुष्टिकरण की राजनीति को बनाए रखना चाहते हैं। लेकिन न्यायपालिका को किसी विशेष राजनीतिक उद्देश्य के लिए प्रभावित करना सही नहीं होगा।
‘राजनीतिक रोटियां सेंक रहे विरोधी’
मंत्री विश्वास सारंग ने असदुद्दीन ओवैसी के सदन में किए गए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘क्या उनकी हरकत संवैधानिक थी?’ उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि ‘क्या ओवैसी भारत को पाकिस्तान समझते हैं? देश कानून, व्यवस्था और परंपराओं के आधार पर चलता है, न कि अराजकता से। क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को यह संविधान का अपमान नजर नहीं आया? उन्होंने आरोप लगाया कि यह विरोध सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है क्योंकि कुछ लोगों की राजनीति अब खत्म हो रही है।’
ये भी पढ़ें- भोपाल नगर निगम बजट : प्रॉपर्टी टैक्स और पानी शुल्क में बढ़ोतरी, महापौर ने पेश किया 3300 करोड़ रुपए का बजट 
Related Posts
PU Special :

PU Special :

PU Special :

PU Special :

PU Special :
