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गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर भोपाल के भौरी में बनेगा फॉरेन यूनिवर्सिटीज का कैंपस

गुजरात की तर्ज पर मप्र की राजधानी के भौरी में फॉरेन यूनिवर्सिटीज का कैंपस तैयार होगा। सरका ने 1500 हेक्टेयर में एजुकेशन हब बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
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गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर भोपाल के भौरी में बनेगा फॉरेन यूनिवर्सिटीज का कैंपस
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम, भोपाल। गुजरात की तर्ज पर राजधानी के भौरी में फॉरेन  यूनिवर्सिटीज (विदेशी विश्वविद्यालय) कैंपस बनाया जाएगा। दरअसल इसके लिए सरकार नीति तैयार कर रही है, जिससे ज्यादा से ज्यादा निवेशक यहां आकर्षित हो सकें। नीति आने वाले चार से पांच माह के अंदर बनकर तैयार हो जाएगी। अब 1500 हेक्टेयर में इसको बनाने का प्रस्ताव है। मप्र से जुड़े राज्य गुजरात, महाराष्ट्र में विदेशी विश्वविद्यालय कैंपस बन गए हैं, हरिणाया और आंध्र प्रदेश में इसकी तैयारी चल रही है। इन राज्यों ने इसकी नीति भी तैयार कर ली है। इन राज्यों की नीतियों और विदेश विश्वविद्यालय कैंपस की जरूरतों और मांगों के अनुरूप मप्र सरकार नीति ड्राफ्ट कर रही है। राजस्थान सरकार भी जयपुर में इसके लिए जमीन की तलाश कर रही है।

    गुजरात में चार यूनिवर्सिटी के कैंपस

    गुजरात में विदेशी विश्वविद्यालयों के दो कैंपस हैं। एक कैंपस विदेशी मुद्राओं के माध्यम से संचालित होता है और दूसरा भारतीय मुद्रा के आधार पर संचालित होता है। एक ही कैंपस के अंदर विश्वविद्यालयों और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। गुजरात में अमेरिका की बॉलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में डीकिन यूनिवर्सिटी सहित चार निजी यूनिवर्सिटी अपना कैंपस स्थापित कर चुकी हैं। हालांकि गुजरात सरकार वर्ष 2017 से इस पर काम कर रही है। बॉलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी (बीजीएसयू) अमेरिका के ओहियो राज्य में स्थित एक प्रमुख सार्वजनिक अनुसंधान विश्वविद्यालय है।

    मप्र में प्लग एंड प्ले के आधार पर होगा काम  

    सरकार पूरे कैंपस को पीपीपी मोड पर तैयार करेगी। जहां प्लग एंड प्ले के आधार पर काम होगा। दूसरा विश्वविद्यालय प्रबंधन अगर अपना कैंपस बनाना चाहता है तो उसे जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा वह किस तरह की करेंसी में यहां कारोबार करना चाहती है, उसकी सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    शोध आधारित विश्वविद्यालयों की रुचि

    मप्र में शोध और सोलर एनर्जी, आईटी, ड्रोन, मैनेजमेंट सहित अन्य शिक्षा आधार विदेशी विश्वविद्यालयों की रुचि प्रदेश की तरफ ज्यादा है। विदेशी विश्वविद्यालयों के लोग यहां उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं, नीति तैयार होने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंध कैंपस स्थापित करने को लेकर आगे बात बढ़ा सकेंगे।

    सरकार नीति बना रही है

    मप्र में विदेश विश्वविद्यालय और उनके कैंपस स्थापित करने के संबंध में सरकार नीति बना रही है। नीति बनने के बाद विदेशी  विश्वविद्यालय को यहां कैंपस स्थापित करने के लिए आमंत्रण दिया जाएगा। उनसे बातचीत भी की जाएगी। भौरी में यह कैंपस स्थापित करने का प्रस्ताव है।

    प्रबल सिपाहा, आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग

    इस नीति से देश को बड़ा फायदा 

    • छात्र बिना किसी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के यहीं पर विदेशी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
    • देश का पैसा यही रहेगा। वीजा संबंधी समस्या खत्म होगी।
    • ड्यूल डिग्री मिलेगी तो देश और विदेश में भी काम आएगी।
    • विदेशी बच्चे भी यहां पढ़ने आएंगे। जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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