
पटना। लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से लालू यादव को झटका लगा है। इस मामले में दाखिल फाइनल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने लालू यादव और उनके बेटा-बेटी को समन भेजा है। जिसके मुताबिक, लालू, उनके बड़े बेटे तेजप्रताप और बेटी हेमा यादव को 11 मार्च को पेश होने का आदेश दिया गया है। स्पेशल CBI जज विशाल गोगने ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दायर आरोपपत्रों पर संज्ञान लेने के बाद आदेश पारित किया। इस मामले में CBI ने लालू यादव समेत 78 लोगों के खिलाफ कन्क्लूसिव चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 30 लोक सेवक आरोपी हैं।
लालू और तेजस्वी से हो चुकी है पूछताछ
बता दें कि, ED की दिल्ली और पटना टीम के अधिकारियों ने लैंड फॉर जॉब्स केस में 20 जनवरी 2024 को लालू और तेजस्वी से 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लालू प्रसाद से 50 से ज्यादा सवाल किए गए थे। उन्होंने ज्यादातर सवालों के जवाब में हां या ना ही कहा था। वहीं, 30 जनवरी को तेजस्वी से करबी 10-11 घंटे तक पूछताछ की गई थी।
लालू परिवार पर क्या हैं आरोप?
नौकरी के बदले जमीन का यह मामला 14 साल पुराना है। कथित घोटाला उस समय का है, जब लालू संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की पहली सरकार में रेल मंत्री थे। यह आरोप है कि 2004 से 2009 तक, भारतीय रेलवे के अलग-अलग जोन में ग्रुप डी पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था और बदले में इन लोगों ने अपनी जमीनें तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों और उनसे संबंधित कंपनी एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित कर दी थी।
इस मामले में 10 अक्टूबर 2022 को सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सीबीआई ने जुलाई 2022 में भोला यादव को गिरफ्तार किया था, जो लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए उनके ओएसडी थे। CBI का कहना है कि पटना में लालू यादव के परिवार ने 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर रखा है। इन जमीनों का सौदा नकद में हुआ था।
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