आने वाले समय में भारत में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने का तरीका बदल सकता है। सरकार जल्द ऐसे नए नियम लागू करने की तैयारी में है जिनके तहत यूजर्स को अपने अकाउंट को KYC यानी पहचान सत्यापन से जोड़ना होगा। इससे सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी अकाउंट्स पर सख्ती बढ़ेगी।
यह प्रस्ताव महिला सशक्तिकरण से जुड़ी एक संसदीय समिति की 2025-26 की रिपोर्ट में दिया गया है, जिसे हाल ही में संसद में पेश किया गया। रिपोर्ट में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में KYC अनिवार्य करने, डीपफेक कंटेंट पर रोक लगाने, डिजिटल फॉरेंसिक सिस्टम मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने जैसे सुझाव शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स की बढ़ती संख्या और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों को देखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है। कई बार गलत पहचान के जरिए लोग भ्रामक जानकारी फैलाते हैं या दूसरों को परेशान करते हैं। ऐसे में अकाउंट को असली पहचान से जोड़ने से ऐसे मामलों पर काफी हद तक रोक लग सकती है और जिम्मेदारी तय करना आसान होगा।
नए नियमों के तहत सिर्फ एक बार KYC करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि समय-समय पर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी हो सकती है। जिन अकाउंट्स पर बार-बार शिकायतें आती हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो लोग नियम तोड़कर बार-बार नए अकाउंट बनाते हैं, उन्हें भी रोकने की व्यवस्था की जा सकती है।
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इन नियमों से जहां आम यूजर्स की सुरक्षा बढ़ेगी और साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से कार्रवाई संभव होगी वहीं कुछ लोगों को दिक्कत भी हो सकती है। जिन यूजर्स के पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं वे इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। हालांकि अभी ये नियम लागू नहीं हुए हैं लेकिन सरकार इस दिशा में जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।