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Shivani Gupta
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Manisha Dhanwani
22 Jan 2026
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से महिला बाउंसरों की गुंडागर्दी का एक और वीडियो सामने आया है। कुसमुंडा क्षेत्र स्थित नीलकंठ आउटसोर्सिंग कंपनी में महिला बाउंसरों ने एक युवक की जमकर पिटाई कर दी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें तीन से चार महिला बाउंसरें युवक को घेरकर मारती नजर आ रही हैं। आरोप है कि युवक कंपनी से अपने प्रमोशन को लेकर बात करने गया था, लेकिन वहां उसके साथ बाउंसरों ने दुर्व्यवहार किया।
ये घटना शनिवार (11 अक्टूबर) की बताई जा रही है। पीड़ित युवक का नाम समीर पटेल है, जो जटराज का रहने वाला और नीलकंठ कंपनी में पिछले तीन साल से पीसी मशीन हेल्पर के रूप में कार्यरत है। समीर का कहना है कि कंपनी ने उसे प्रमोशन देने का वादा किया था, लेकिन महीनों से टालमटोल की जा रही थी। जब वह इस संबंध में बात करने दफ्तर पहुंचा, तो वहां मौजूद महिला बाउंसरों ने उसे पकड़ लिया और बुरी तरह से पीटा।

वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि महिला बाउंसरें युवक को थप्पड़ और घूंसे मार रही हैं, फिर शर्ट पकड़कर उसे खींचकर परिसर से बाहर ले जाती हैं।
वहीं, नीलकंठ कंपनी प्रबंधन ने अपनी सफाई में दावा किया है कि युवक नशे की हालत में ऑफिस पहुंचा था और वहां कर्मचारियों से बदसलूकी करने लगा। कंपनी के अनुसार, महिला बाउंसरों ने सुरक्षा के मद्देनजर कार्रवाई की।
हालांकि, समीर पटेल ने कंपनी के इस दावे को झूठ बताया है। उसने कहा कि उसे जानबूझकर फंसाया जा रहा है, क्योंकि उसने प्रमोशन और काम की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए थे। घटना के बाद पुलिस ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जबकि वीडियो सामने आने के बाद कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब नीलकंठ कंपनी की महिला बाउंसरें विवादों में आई हैं। करीब 25 दिन पहले भी इन महिला बाउंसरों का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे भू-स्थापित किसानों के साथ अभद्रता करती दिखी थीं। उस समय किसानों को वहां से हटने के लिए कहा गया था, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई थी।
इस नई घटना के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने नीलकंठ कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने महिला बाउंसरों की भर्ती पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए कंपनी प्रबंधन को पत्र लिखा है।
सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर गुस्सा देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने बाउंसरों की वर्दी पर लिखे “लेडी बाउंसर आर्मी” और उस पर बने तिरंगे चिन्ह को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह सेना की वर्दी का अपमान है और इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
घटना के बाद कुसमुंडा क्षेत्र के महतारी अंगना में स्थानीय लोगों की बैठक हुई। बैठक में कंपनी द्वारा बाहरी व्यक्तियों की भर्ती और स्थानीय लोगों की उपेक्षा का विरोध किया गया। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर महिला बाउंसरों की मनमानी और स्थानीय युवाओं के उत्पीड़न पर रोक नहीं लगी, तो जल्द ही बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने महिला बाउंसरों की गुंडागर्दी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और प्रशासन से अपील की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कंपनी की भूमिका की भी जांच हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नीलकंठ कंपनी में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में आक्रोश और अविश्वास का माहौल बन गया है।