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US Israel Iran conflict :ईरान का दावा-अमेरिका-इजरायल ने हमारी न्यूक्लियर साइट पर हमला किया 

ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों के बीच ईरान ने बड़ा बयान दिया है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने उसके परमाणु प्लांट पर हमला किया है। हालांकि इसके बाद रेडिएशन बढ़ने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
ईरान का दावा-अमेरिका-इजरायल ने हमारी न्यूक्लियर साइट पर हमला किया 
ईरान स्थित नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी साइट का फाइल फोटो
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    डिजिटल डेस्क। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक विवाद सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) में ईरान के राजदूत रेजा नजाफी ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान ईरान के नतांज स्थित प्रमुख परमाणु केंद्र को निशाना बनाया। यह दावा ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र पहले से ही सैन्य तनाव की स्थिति में है।

    ईरान का आरोप-नतांज बना निशाना

    एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के प्रतिनिधि ने कहा कि रविवार को हुए सैन्य अभियान में विशेष रूप से नतांज परमाणु सुविधा को निशाना बनाया गया। नतांज को ईरान के प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्रों में से एक माना जाता है और यह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय निगरानी का केंद्र रहा है। IAEA के 35 सदस्यीय बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक के दौरान रेजा नजाफी ने कहा कि ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु स्थापना पर हमला किया गया है और जब उनसे पूछा गया कि किस केंद्र को निशाना बनाया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से नतांज का नाम लिया।

    IAEA ने हमले की पुष्टि से किया इनकार

    हालांकि IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने इस दावे पर सावधानीपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बोर्ड को संबोधित करते हुए कहा कि एजेंसी को अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है जिससे यह पुष्टि हो सके कि किसी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचा है या उस पर हमला हुआ है। ग्रॉसी के अनुसार, एजेंसी स्थिति की निगरानी कर रही है और फिलहाल किसी भी प्रकार की क्षति की पुष्टि नहीं हुई है।

    चिंता और बढ़ता तनाव

    ईरान के आरोप और IAEA के बयान के बीच स्थिति अभी अस्पष्ट बनी हुई है। यदि परमाणु सुविधाओं पर हमले की पुष्टि होती है, तो इसके गंभीर क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव हो सकते हैं। यह भी बताया जा रहा है कि पिछले आठ महीनों में यह दूसरी बार है जब अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई की है। पिछले वर्ष जून में 12 दिनों तक चले संघर्ष में ईरान की हवाई सुरक्षा और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा था। मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें IAEA की आगे की जांच और ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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