ईरान का हमला और कांपे कई देश :जानें कितने देशों में क्या- क्या बिखरा

तेहरान। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत की खबरों के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। सऊदी अरब ने एहतियातन एक बड़ी तेल रिफाइनरी अस्थायी रूप से बंद कर दी है, जबकि कुवैत में अमेरिकी दूतावास परिसर से धुआं उठता दिखाई देने की खबर ने चिंता और बढ़ा दी है।
खामेनेई की मौत के बाद भू-राजनीतिक में तनाव
ईपान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की कथित मौत के बाद ईरान और उसके समर्थक गुटों की ओर से तेज प्रतिक्रिया की आशंका जताई जा रही है। इस घटनाक्रम ने पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ा दी है। क्षेत्रीय शक्तियां और वैश्विक देश हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
सऊदी अरब ने बंद की बड़ी तेल रिफाइनरी
सऊदी अरब के सरकारी टीवी ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि एहतियात के तौर पर एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। यह रिफाइनरी प्रतिदिन पांच लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता रखती है।
रिपोर्ट के मुताबिक आग लगने की घटना सामने आई, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है।
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कुवैत में अमेरिकी दूतावास परिसर से उठा धुआं
कुवैत में अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर धुआं उठते देखा गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इससे पहले अमेरिका ने वहां मौजूद अपने नागरिकों को चेतावनी जारी कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और घरों के अंदर रहने की सलाह दी थी। दूतावास न आने की भी हिदायत दी गई थी। ऐसे माहौल में आगे और भी कई हमलों होने की संभावना है।
अमेरिकी लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, पायलट सुरक्षित
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उनके देश में अमेरिका के कई लड़ाकू फायटर जेट्स विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि सभी पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। उन्हें जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस मामले पर अमेरिकी सेना की मध्य कमान, यूनाइटेड स्टेट्स से सैंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्षेत्र में बढ़ते हमले और अनिश्चितता
इन घटनाओं के बीच कुवैत पर ईरान की ओर से तेज हमलों की खबरें भी सामने आ रही हैं। लगातार सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा अलर्ट के चलते पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।











