होली खुशियों, रंगों और मेल-मिलाप का त्योहार है। गलियों में ढोल बजते हैं, घरों में पकवान बनते हैं और हर चेहरा रंगों से सजा नजर आता है। लेकिन इस मस्ती के बीच एक सच्चाई भी है-किसी की इच्छा के खिलाफ रंग लगाना, छूना या छेड़छाड़ करना मजाक नहीं, अपराध है।
अक्सर कुछ लोग बुरा ना मानो होली है कहकर दूसरों पर जबरदस्ती रंग डाल देते हैं। कई बार महिलाएं, बच्चे या बुजुर्ग असहज महसूस करते हैं, लेकिन त्योहार के नाम पर चुप रह जाते हैं। याद रखिए, कानून हर दिन आपकी सुरक्षा करता है- चाहे वह होली हो या कोई और दिन।
होली पर भी आपकी सुरक्षा, सम्मान और निजता पूरी तरह सुरक्षित है। अगर कोई आपकी मना करने के बावजूद जबरदस्ती करता है, आपका पीछा करता है, गलत तरीके से छूता है या अभद्र व्यवहार करता है, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं तुरंत लागू हो सकती हैं।
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ऐसे मामलों में कौन-कौन से कानून आपकी रक्षा करते हैं।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के अनुसार, किसी भी महिला को उसकी इच्छा के खिलाफ छूना, जबरदस्ती रंग लगाना, गले लगाना या ऐसा कोई काम करना जिससे उसकी मर्यादा को ठेस पहुंचे वो सभी गंभीर अपराध है।
होली के दिन अगर कोई व्यक्ति मजाक के नाम पर महिला को पकड़कर रंग लगा देता है या उसे असहज करता है, तो यह सीधा अपराध माना जाएगा। यह कहना कि त्योहार है, मजाक था कानून के सामने मान्य नहीं है।
इस अपराध में दोषी पाए जाने पर 1 साल से 5 साल तक की सजा हो सकती है, साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। पहले ऐसे मामलों में IPC की धारा 354 लगाई जाती थी, लेकिन अब नए कानून के तहत BNS की यह धारा लागू होती है।
धारा 75 यौन उत्पीड़न से जुड़ी है। यदि कोई व्यक्ति बिना सहमति के किसी महिला को छूता है, अश्लील हरकत करता है, गंदे इशारे करता है या ऐसा व्यवहार करता है जिससे वह असहज हो जाए तो यह अपराध है।
होली के मौके पर भी यदि कोई व्यक्ति नशे या उत्साह में आकर मर्यादा भूल जाता है, तो कानून उसे नहीं छोड़ेगा। किसी को जबरदस्ती करीब आना, रंग लगाने के बहाने गलत तरीके से पकड़ना या अश्लील टिप्पणी करना सब इस धारा के अंतर्गत आता है। इस अपराध के लिए 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।
धारा 79 के तहत किसी महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से शब्द कहना, इशारा करना या कोई अशोभनीय कृत्य करना दंडनीय है।
होली के नाम पर तंज कसना, भद्दी टिप्पणियां करना, गंदे गाने गाना या किसी को जानबूझकर परेशान करना यह सब अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषी को 3 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
त्योहार का रंग तभी खिलता है जब उसमें सभी सुरक्षित और खुश महसूस करें। अगर कोई व्यक्ति आपकी मना करने के बावजूद जबरदस्ती करता है, तो चुप न रहें। जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
याद रखिए-
इस होली, रंग जरूर लगाएं, लेकिन मर्यादा और सहमति का ध्यान रखते हुए।