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केन-बेतवा प्रोजेक्ट : चार साल में तीन बार बदला एलाइनमेंट, टनल का प्रस्ताव रिजेक्ट, अब बनेगी नहर  

जल संसाधन विभाग के अफसरों ने केन-बेतवा लिंक परियोजना का चार साल में तीन बार एलाइनमेंट बदला है। निवाड़ी कलेक्टर और एसपी सहित अन्य अधिकारियों के बंगले और छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले की 40 कॉलोनियों को बचाने के लिए नहर टर्न की जाएगी।
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चार साल में तीन बार बदला एलाइनमेंट, टनल का प्रस्ताव रिजेक्ट, अब बनेगी नहर  
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम,भोपाल।  केंद्र सरकार की केन-बेतवा लिंक परियोजना की जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने चार साल के अंदर तीन बार एलाइनमेंट बदला है। निवाड़ी कलेक्टर और एसपी सहित अन्य अधिकारियों के बंगले और छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले की करीब 40 निजी कॉलोनियों को बचाने के लिए नहर टर्न की जाएगी। वहीं केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए टनल (अंडर ग्राउंड नहर) के प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया है।

    राज्य को देने थे 17 हजार करोड़

    केंद्र सरकार का कहना था इस टनल के निर्माण में 17 हजार करोड़ रुपए अगर राज्य सरकार लगाने के लिए तैयार है तो बना सकता है। इसके अलावा क्या यह टनल वर्ष 2030 तक बनकर तैयार हो जाएगी। क्योंकि पीएम मोदी ने इस परियोजना की डेडलाइन वर्ष 2030 रखी है।  राज्य सरकार ने 17 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त का प्रस्ताव केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के सामने नवम्बर में भेजा था। नहर के पुराने एलाइनमेंट में करीब तीन हजार करोड़ की डीपीआर बनाई गई थी। अधिकारियों ने परियोजना की शुरुआती दौर में बिना सर्वे के दोधन डैम से निकलने वाली नहर का पुराना (वर्ष 1990 का) एलाइनमेंट फाइनल कर केंद्र सरकार को भेज दिया।  

    तीसरी बार में दिया था टनल का प्रस्ताव

    इसके बाद दूसरी बार 2024 में एक एलाइनमेंट दिया, जिसमें यह कहा कि इसमें विस्थापन की कोई दिक्कत नहीं है, इसमें कोई गांव नहीं आ रहे हैं। नवम्बर में केंद्र सरकार के पास एक प्रस्ताव दिया कि नहर की जगह पर पाइप लाइन के जरिए अंडर ग्राउंड वाटर सप्लाई की व्यवस्था होगी तो विस्थापन की समस्या नहीं आएगी।  

    केन-बेतवा लिंक परियोजना पर एक नजर

    • दौधन नामक 77 मीटर ऊंची बांध प्रस्तावित है।
    • दौधन बांध तक केन बेसिन की वार्षिक सकल उपज 6,590 एमसीएम है।
    • मप्र कुल 2,350 एमसीएम (83 टीएमसी) का उपयोग करेगा।
    • उत्तर प्रदेश राज्य केन प्रणाली से सालाना कुल 1,700 एमसीएम (60 टीएमसी) का उपयोग करेगा।
    • यह राष्ट्रीय नदी जोड़ो नीति की पहली परियोजना है।
    • इससे मप्र के 10 जिलों के 44 लाख और यूपी के 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा।
    • इस परियोजना की लागत लगभग 44,605 करोड़ रुपए है।
    • इससे 2,000 गांवों के 7.18 लाख किसानों को फायदा होगा।
    • 103 मेगावॉट जलविद्युत और 27 मेगावॉट सौर ऊर्जा भी बनेगी।

    दोधन डैम पर भी नहीं बनेगी छोटी टनल

    परियोजना की लागत कम करने के लिए दोधन डैम के पास पूर्व में प्रस्तावित चार किलोमीटर की टनल अब नहीं बनाई जाएगी। इसकी लागत 3 करोड़ रुपए से अधिक है। जबकि नहर की लागत डेढ़ करोड़ के आसपास है। टनल नहीं बनाने के कारण नहर को करीब दस किमी का टर्न दिया जाएगा।

    नया सर्वे : सिर्फ 5 गांव और दो स्कूल हैं राह में

    सीडब्ल्यूसी ने नए एलाइनमेंट तैयार कर लिया है। पुराने एलाइनमेंट की जद में जिलों के 40 निजी कॉलोनियां और 100 गांव आ रहे हैं। नए सर्वे के अनुसार सिर्फ पांच गांव दो स्कूल आ रहे हैं। इन गांवों के विस्थापन की भी तैयारी पूरी कर ली गई है। नए एलाइनमेंट को 16 अगस्त को तकनीकी कमेटी ने स्वीकृत कर दी है। दोधन डेम से 220 किलोमीटर तक नहर जा रही है। इसमें 60 किलोमीटर टनल बनाने का प्रस्ताव था।

    सिर्फ 5% विस्थापन होगा

    नहर के नए एलाइनमेंट को तकनीकी कमेटी ने स्वीकृत कर दिया है। नए एलाइनमेंट में अब सिर्फ पांच प्रतिशत ही विस्थापन होगा। अंडर ग्राउंड नहर की लागत ज्यादा होने के कारण इस प्रस्ताव को केंद्र ने अस्वीकार कर दिया है।

    प्रशस्त कुमार दीक्षित, सीईओ, केन-बेतवा लिंक परियोजना

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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