भारत पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकिए...कराची हमले पर मनीष तिवारी का पाकिस्तान को जवाब, कहा- अपने आंगन में सांप...

नई दिल्ली। पाकिस्तान के कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर हुए बड़े आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर जुबानी टकराव तेज हो गया है। पाकिस्तान ने बिना सबूत भारत पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया, जबकि भारत ने इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए सख्त शब्दों में खारिज कर दिया। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया और अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का चर्चित बयान याद दिलाया।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पाकिस्तान को घेरा
कराची हमले को लेकर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का वर्ष 2011 का बयान साझा किया।
उन्होंने लिखा कि हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तान से कहा था कि, आप अपने घर के आंगन में सांप पालकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वे सिर्फ आपके पड़ोसियों को ही काटेंगे। आखिरकार वे उसी इंसान को डसेंगे जिसने उन्हें पाला है।
मनीष तिवारी ने पाकिस्तान से कहा कि उसे पहले अपने भीतर झांकना चाहिए और दुनिया भर में आतंकवाद फैलाने की नीति छोड़नी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का तथाकथित 'डीप स्टेट' ही उसकी सबसे बड़ी समस्या है।
कराची में क्या हुआ था?
शनिवार को कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के मुख्यालय के पास आत्मघाती आतंकी हमला हुआ। जानकारी के मुताबिक, पहले मुख्य गेट के पास जोरदार विस्फोट किया गया और इसके तुरंत बाद हथियारबंद आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटनास्थल पर कुछ समय तक भीषण मुठभेड़ चली। शुरुआती धमाके के बाद दो और छोटे विस्फोट भी हुए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
हमले में कितने लोग मारे गए?
पाकिस्तान सेना के अनुसार, इस हमले में तीन रेंजर्स जवान शहीद हो गए, जबकि चार अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकवादी मारे गए और एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया, जिसे अफगान नागरिक बताया गया है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया कि, दो अन्य आत्मघाती हमलावर विस्फोट के दौरान मारे गए।
जमात-उल-अहरार ने ली हमले की जिम्मेदारी
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार (JuA) ने ली है। यह संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से अलग हुआ एक उग्रवादी गुट माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आत्मघाती हमलावर ने रेंजर्स कंपाउंड के बाहर विस्फोट किया, जिसके बाद उसके साथियों ने कैंप में घुसने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप
हमले के बाद पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर (ISPR) ने दावा किया कि इस हमले के पीछे भारत समर्थित संगठन 'जमात-उल-अहरार' का हाथ है। डीजी आईएसपीआर ने बयान जारी कर कहा कि, भारत के कथित प्रॉक्सी संगठन ने पाकिस्तान रेंजर्स कैंप को निशाना बनाया। सेना ने यह भी कहा कि, आतंकवाद के खिलाफ 'अज़्म-ए-इस्तेहकाम' अभियान और तेज किया जाएगा और भारत समर्थित संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। बयान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का भी जिक्र किया गया। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
भारत ने आरोपों को बताया पूरी तरह बेबुनियाद
पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि कराची हमले में भारत का नाम घसीटना पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने देश में मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही आतंकवाद को राज्य की नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने की अपनी प्रवृत्ति समाप्त करनी चाहिए।
भारत ने दो टूक कहा कि, पाकिस्तान पहले अपने घर के भीतर मौजूद आतंकवाद की समस्या से निपटे, बजाय इसके कि बिना सबूत दूसरे देशों पर आरोप लगाए।
अक्टूबर 2024 के बाद सबसे बड़ा हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, कराची में अक्टूबर 2024 के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं।
भारत का स्पष्ट संदेश
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि, आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी नीति स्पष्ट है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को बिना सबूत भारत पर आरोप लगाने की बजाय अपनी जमीन से संचालित आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।
कराची हमले के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी जरूर तेज हो गई है, लेकिन भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह ऐसे आरोपों को तथ्यों के अभाव में स्वीकार नहीं करता और पाकिस्तान को अपनी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर ध्यान देने की जरूरत है।











