इंदौर - पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होते ही वैश्विक तेल-गैस सप्लाई चरमरा गई। इसका सीधा असर 30 दिनों के भीतर इंदौर समेत पूरे मध्यप्रदेश में दिखा, रसोई की गैस से लेकर उद्योग और सड़कों तक हालात बिगड़ते चले गए।इंदौर में मिडिल ईस्ट तनाव का असर सिर्फ खबरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ईंधन, गैस और बाजार तक सीधा वार करता गया। हालात ऐसे बने कि अफवाह, महंगाई और किल्लत ने आम आदमी से लेकर उद्योग तक को झकझोर दिया। देखिए दिन-ब-दिन कैसे हालात बिगड़ते गए।
📅 28 फरवरी:
ईरान पर हमले के बाद हालात बिगड़े, दुबई में इंदौर के पूर्व विधायक और कारोबारी फंसे
📅 1 मार्च:
पूर्व विधायक संजय शुक्ला का वीडियो वायरल, भारत सरकार से मदद की गुहार
📅 3 मार्च:
फंसे लोग मुंबई के रास्ते सुरक्षित इंदौर लौटे
📅 6 मार्च:
इंदौर-शारजाह फ्लाइट्स लगातार रद्द, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
📅 9 मार्च:
कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई ठप, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आपात बैठक
📅 10 मार्च:
रेस्त्रां, होटल और कैटरिंग इंडस्ट्री संकट में, इंदौर की 1200 शादियों पर असर
📅 11 मार्च:
पैनिक बुकिंग शुरू, गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें
📅 12 मार्च:
इंडक्शन चूल्हों की डिमांड बढ़ी, रेस्त्रां लकड़ी-भट्टी पर शिफ्ट
📅 13 मार्च:
कोयला महंगा, पोहा-समोसे तक के दाम बढ़े, उद्योगों पर असर
📅 14 मार्च:
रविवार को भी गैस एजेंसियां खुलीं, रेस्त्रां संचालकों ने ताला लगाने की चेतावनी दी
📅 15 मार्च:
कमर्शियल PNG 4% महंगी, खर्च और बढ़ा
📅 20 मार्च:
प्रीमियम पेट्रोल ₹2 महंगा, घरेलू सिलेंडर में आंशिक राहत
📅 21 मार्च:
पीथमपुर उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ी, मार्जिन पर दबाव
📅 23 मार्च:
रेस्त्रां-होटलों के लिए 25% कमर्शियल गैस कोटा तय
📅 24 मार्च:
पेट्रोल खत्म होने की अफवाह से हड़कंप, पंपों पर भीड़ उमड़ी
📅 25 मार्च:
सरकार सख्त—PNG लाइन वाले उपभोक्ताओं को 3 माह में कनेक्शन अनिवार्य
📅 26 मार्च:
पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, आम आदमी की जेब पर सीधा वार
📅 27 मार्च:
एक्साइज ड्यूटी में कटौती, थोड़ी राहत लेकिन संकट बरकरार